Kedarnath Yatra 2026: खुलने वाले हैं केदारनाथ का कपाट? गौरी कुंड से निकली फूलों से महकी बाबा केदार की डोली, जानें रजिस्ट्रेशन और ठहरने का प्रोसेस
Kedarnath Dham Yatra 2026 Registration Process: क्या आपने इस साल केदारनाथ जाने का टिकट बुक कर लिया है? या आपका कोई सवाल है? तो इस आर्टिकल में केदारनाथ धाम की यात्रा से जुड़े सभी सवालों के जवाब आपको आसानी से मिल जाएंगे।
- धर्म और अध्यात्म
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Kedarnath Dham Yatra 2026 Details: देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का शंखनाद हो चुका है। बाबा के भक्तों का लंबा इंतजार अब खत्म होने को है। गौरीकुंड से बाबा केदारनाथ की उत्सव डोली फूलों से सज-धजकर धाम की ओर रवाना हो गई है। चारों तरफ 'बम-बम भोले' के जयकारे गूंज रहे हैं और हवा में भक्ति की महक है। अगर आप भी इस साल केदारनाथ जाने का मन बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए ही है।
फूलों से सजी बाबा की पालकी
परंपरा के अनुसार, बाबा केदार की पंचमुखी डोली को बहुत ही भव्य तरीके से सजाया गया है। हज़ारों श्रद्धालु इस पल के साक्षी बन रहे हैं। आर्मी बैंड की धुन और स्थानीय वाद्य यंत्रों के बीच जब बाबा की डोली निकलती है, तो वह नजारा भावविभोर कर देने वाला होता है। यह डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए केदारनाथ धाम पहुंचेगी, जिसके बाद विधि-विधान से मंदिर के कपाट खोले जाएंगे।
51 क्विंटल फूलों से महकेगा बाबा का दरबार, दिल्ली और बंगाल से पहुंचे विशेष फूल
केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की घड़ी नजदीक आते ही बाबा के दरबार में रौनक बढ़ गई है। मंदिर को भव्य रूप देने के लिए इस बार 51 क्विंटल फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन फूलों की खेप को करीब 75 खच्चरों की मदद से गौरीकुंड से धाम तक पहुंचाया गया है।
मंदिर की सजावट के लिए ये विशेष फूल दिल्ली और पश्चिम बंगाल से मंगाए गए हैं। धाम पहुंचे भक्त न केवल दर्शन का इंतजार कर रहे हैं, बल्कि मंदिर को सजाने के कार्य में 'कर सेवा' कर हाथ भी बंटा रहे हैं। भक्तों का कहना है कि बाबा के दरबार को अपने हाथों से सजाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। प्रशासन ने पैदल मार्ग, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त कर दिया है ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
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दर्शन के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन? (Registration Process)
भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए उत्तराखंड सरकार ने रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। आप इन तरीकों से पंजीकरण करा सकते हैं:\
- वेबसाइट: आधिकारिक पोर्टल [registrationandtouristcare.uk.gov.in](https://registrationandtouristcare.uk.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरें।
- मोबाइल ऐप: 'Tourist Care Uttarakhand' ऐप डाउनलोड करें।
- व्हाट्सएप: आप सरकार द्वारा जारी नंबर पर मैसेज भेजकर भी स्लॉट बुक कर सकते हैं।
- ऑफलाइन: ऋषिकेश और हरिद्वार में भी ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाए गए हैं, लेकिन ऑनलाइन करना सबसे सुरक्षित और आसान है।
कहां ठहरें और क्या हैं इंतजाम? (Stay & Facilities)
केदारनाथ की चढ़ाई थका देने वाली होती है, इसलिए रुकने का सही इंतजाम होना जरूरी है:
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- GMVN गेस्ट हाउस: गढ़वाल मंडल विकास निगम (GMVN) के टेंट और कमरे केदारनाथ बेस कैंप और रास्ते में उपलब्ध हैं। इनकी बुकिंग पहले ही करा लेना बेहतर है।
- प्राइवेट होटल्स: गौरीकुंड, सोनप्रयाग और गुप्तकाशी में कई प्राइवेट होटल्स और होमस्टे मिल जाएंगे।
- बेस कैंप के टेंट: मंदिर से कुछ ही दूरी पर बने टेंट्स में रुकना एक अलग ही अनुभव होता है, जहाँ से आप सुबह की आरती का आनंद ले सकते हैं।
यात्रा से पहले कुछ जरूरी टिप्स:
- फिटनेस का ध्यान रखें: केदारनाथ की चढ़ाई करीब 16-18 किमी की है। अगर आपको सांस लेने में तकलीफ है, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
- गर्म कपड़े: वहां का मौसम पल भर में बदल जाता है। बारिश के लिए रेनकोट और कड़ाके की ठंड के लिए भारी जैकेट साथ रखें।
- मेडिकल किट: ग्लूकोज, पेनकिलर और बैंडेज जैसी जरूरी दवाइयां अपने साथ रखें।
याद रखें: बाबा केदार की यात्रा केवल एक ट्रिप नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है। प्रकृति का सम्मान करें और धाम में गंदगी न फैलाएं।