Vat Savitri Vrat: इस दिन रखा जाएगा जेष्ठ माह का वट सावित्री व्रत, जानें सही डेट और पूजा का मुहूर्त
सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए वट सावित्री का व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। आइए इसकी डेट और पूजा का शुभ मुहूर्त जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Kab Rakha Jayega Vat Savitri Vrat: वट सावित्री व्रत को लेकर हर साल महिलाएं काफी उत्साहित रहती हैं, क्योंकि यह व्रत पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाता है। यह दिन हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और बरगद के पेड़ की विधिवत पूजा अर्चना करती हैं और अखंड सौभाग्यवती होने की कामना करती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल यह व्रत (Vat Savitri Vrat) कब रखा जाएगा और पूजा का शुभ मूहूर्त क्या है।
वट सावित्री व्रत (Vat Savitri Vrat) काफी कठिन होता है, क्योंकि यह जेष्ठ माह में पड़ता है और इस दौरान गर्मी अपने चरम पर होती है। वहीं यह व्रत निर्जला रखा जाता है, जो इसे और भी मुश्किल बनाता है। हालांकि बावजूद इसके महिलाओं में इस व्रत (Vrat) को लेकर काफी उत्साह रहता है। अगर आप भी यह व्रत रखने जा रही हैं, तो इसकी सही डेट और पूजा का शुभ मूहूर्त (Shubh Muhurat) जान लें।
कब रखा जाएगा जेष्ठ माह का वट सावित्री व्रत? (Kab Hai Vat Savitri Vrat)
वट सावित्री व्रत हर साल जेष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर रखा जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक इस साल अमावस्या तिथि की शुरुआत 5 जून की रात 7 बजकर 54 मिनट से होगी, जिसका समापन 6 जून की शाम 6 बजकर 7 मिनट पर होगा। हिंदू धर्म में उदयातिथि मान्य होती है, इसलिए वट सावित्री का व्रत 6 जून 2024 दिन गुरुवार को ही रखा जाएगा।
वट सावित्री व्रत पूजा शुभ मुहूर्त (Vat Savitri Vrat Puja Shubh Muhurat)
वट सावित्री के दिन कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं इनमें से आप किसी भी समय में पूजा कर सकते हैं।
पहला मुहूर्त- अमृत काल समय- 6 जून की सुबह 5 बजकर 35 मिनट से लेकर सुबह 7 बजकर 16 मिनट तक।
दूसरा मुहूर्त- 6 जून सुबह 8 बजकर 56 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 37 मिनट तक।
तीसरा मुहूर्त- 11 बजकर 52 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 48 मिनट तक है।
वहीं अगर किसी व्यक्ति को पितरों का तर्पण करना है, तो इसके लिए शुभ समय दोपहर 12 बजकर 45 से लेकर दोपहर 1 बजकर 45 मिनट तक है।