Janmashtami 2025: कृष्ण जन्माष्टमी कब है? बांके बिहारी मंदिर में तैयारियां शुरू
वृदावन में कृष्ण जन्माष्टमी कब है? बांके बिहारी मंदिर में अभी से तैयारियां शुरू हो गईं हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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ब्रज में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां शुरू हो चुकी है। वृंदावन में जन्माष्टमी के दिन सभी महिला पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग इस व्रत को रखते हैं। रात को 12 बजे धनिया से बना पंजीरी से लड्डू गोपाल जी को भोग लगाकर जन्माष्टमी मनाया जाएगा।
कृष्ण जन्माष्टमी हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है जिसे भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में पूरे देश में बड़े धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाता हैं यह पर्व भाद्रपद मास की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है, जो आमतौर पर अगस्त या सितम्बर महीने में पड़ता है। इस साल श्री कृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त (शनिवार) को है। इसके लिए बड़े धूमधाम से तैयारी चल रही है । श्री कृष्ण का जन्म रात को 12 बजे हुआ था। इसलिए इस पर्व को सभी लोग रात को 12 बजे मनाते हैं, अगर आप भी कृष्ण की लीलाओं को लाइव देखना चाहते हैं तो वृंदावन 5 दिन पहले चले जाएं।
विदेशों से यहां आते हैं लोग
वृंदावन (मथुरा) के कृष्ण जन्माष्टमी को देखने और मनाने देश के लिए देश के कोना-कोना से युवा, बच्चे, बुजुर्ग सभी आते हैं। यहां अमीरी गरीबी का कोई भेदभाव नहीं होता, सभी एक साथ मिलकर इस पर्व को मनाते हैं।
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श्रीकृष्ण का महत्व क्या है
भगवान श्रीकृष्ण को सनातन धर्म में आठवें अवतार के लिए पूजा की जाती है। उनका जन्म मथुरा में हुआ जहां उनकी माता देवकी और पिता वासुदेव को कंस ने कारागार में कैद कर रखा था। उन्होंने बचपन में बड़े सारे चमत्कार और लीलाएं की, श्रीकृष्ण का उपदेश श्रीमदभागवत आज भी दुखों का निवारण है। हर साल के तरह इस साल भी देवकीनंन्दन ठाकुर जी महाराज के प्रियाकांत जू मंदिर में श्रीमदभागवत कथा होगी।
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इस दिन लोग व्रत रखते हैं, घर और मंदिर को सजाते हैं। कृष्ण भगवान के लिए नए नए वस्त्र, झुला, बांसुरी कुंडल, मुकुट, श्याम तिलक, काजल, बाजू बन , पाजेब, शृंगार का सारा सामान खरीदते हैं, और 56 भोग का प्रसाद बनाते हैं।
जन्माष्टमी कितने बजे रात को मनाया जाएगा
रात को 12 बजे श्रीकृष्ण भगवान को तैयार करके तिलक कर 56 भोग प्रसाद का भोग लगाते हैं, उसके बाद कान्हा को झुला झुलाते है। नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पाल की, कृष्ण नगरी मथुरा वृंदावन, बरसाना के कोना -कोना में ये धुन गुंजता है और लोग मगन होकर झूमते हैं ।
जागरण शुरू कब होता है
रात में जागरण 1 बजे से सुबह 5 बजे तक चलेगा, जिसमें सभी लोग कृष्ण भजन पर झूमते नजर आएंगे। सभी लोग गुब्बारे, खिलौने, घेवर,लड्डू एक दूसरे को बांटते हुए इस महोत्सव का आनन्द लेते हैं।