अपडेटेड 12 March 2026 at 07:49 IST

Gangaur Vrat 2026 Kab Hai: 20 या 21 मार्च गणगौर व्रत कब रखा जाएगा? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

Gangaur Vrat 2026 Kab Hai: हिंदू पंचांग के हिसाब से चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन गणगौर का व्रत रखा जाता है। अब ऐसे में इस साल यह व्रत कब रखा जाएगा? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।

Gangaur Vrat 2026 Kab Hai
Gangaur Vrat 2026 Kab Hai | Image: Meta Ai

Gangaur Vrat 2026 Kab Hai:  राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में गणगौर का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह पर्व अटूट सुहाग, सुखी वैवाहिक जीवन और सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए समर्पित है। साल 2026 में गणगौर की सही तिथि को लेकर कुछ उलझन की स्थिति बन रही है कि व्रत 20 मार्च को रखा जाए या 21 मार्च को। आइए विस्तार से जानते हैं इस साल गणगौर का व्रत कब रखा जाएगा और पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व क्या है?

20 या 21 मार्च कब है गणगौर व्रत? 

हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर का मुख्य पर्व मनाया जाता है।
तृतीया तिथि का प्रारंभ- 20 मार्च 2026 को दोपहर के समय से
तृतीया तिथि का समापन- 21 मार्च 2026 को दोपहर तक है।

उदयातिथि के हिसाब से रखा जाएगा व्रत 

शास्त्रों में उदयातिथि का विशेष महत्व है। 21 मार्च को सूर्योदय के समय तृतीया तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए गणगौर का मुख्य व्रत और पूजन 21 मार्च 2026, शनिवार को किया जाना श्रेष्ठ है। हालांकि, जो लोग होलिका दहन के अगले दिन से ही गणगौर की पूजा शुरू कर देते हैं, उनके लिए 20 मार्च को भी विशेष आयोजन हो सकते हैं, लेकिन मुख्य उत्सव 21 मार्च को ही मनाया जाएगा।

गणगौर पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? 

गणगौर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त के बारे में विस्तार से जान लें। 
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 4 बजकर 49 मिनट से लेकर सुबह 5 बजकर 36 मिनट तक। 
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक
पूजा का शुभ मुहूर्त - सुबह 7 बजकर 55 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 26 मिनट तक।

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गणगौर पूजा का महत्व क्या है? 

'गण' का अर्थ है शिव और 'गौर' का अर्थ है माता पार्वती। यह व्रत शिव-शक्ति के मिलन का प्रतीक है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं। कुंवारी कन्याएं मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए माता गौरी की आराधना करती हैं। ऐसा माना जाता है कि जो भी स्त्री पूरी श्रद्धा से गणगौर का पूजन करती है, उसके घर में सुख-शांति का वास होता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्‍यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 12 March 2026 at 07:49 IST