Ganesh Puja: बुधवार के दिन क्यों की जाती है गणेश भगवान की पूजा? क्या पूजन विधि
Ganesh Puja का बेहद खास महत्व माना जाता है। शास्त्रों में गणपति महाराज को बुधवार समर्पित किया गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे की वजह क्या है?
- धर्म और अध्यात्म
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Budhwar Ko Kyo Ki Jati Hai Ganesh Bhagwan Ki Puja: धार्मिक मान्यता के मुताबिक हिंदू धर्म में हफ्ते का हर दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित किया गया है। ठीक इसी तरह से बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणपति महाराज को समर्पित है, लेकिन आपके मन में कभी न कभी ये सवाल जरूर आया होगा कि आखिर गणेश जी को बुधवार का दिन ही क्यों समर्पित किया गया, तो चलिए आपके इस सवाल का जवाब जानते हैं।
स्टोरी में आगे ये पढ़ें...
- बुधवार को क्यों की जाती है गणेश जी की पूजा?
- गणपति महाराज की पूजा विधि क्या है?
तो इसलिए की जाती है बुधवार को गणेश जी की पूजा
पौराणिक कथा के मुताबिक जब माता पार्वती ने गणेश जी को उत्पन्न किया था, तब उस समय कैलाश पर्वत पर बुध देव भी उपस्थित थे। वह बुध देव ही थे जिन्होंने विघ्नहर्ता के दर्शन सबसे पहले किए थे और यही कारण है कि वह श्री गणेश के प्रतिनिधि ग्रह कहलाए। इसके अलावा यही वजह है कि बुधवार के दिन गणपति बप्पा की पूजा का विधान स्थापित हुआ।
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गणपति महाराज की पूजा विधि क्या है?
- भगवान गणेश की पूजा के लिए सुबह उठकर नित्य क्रिया से निवृत हो जाएं। फिर नहा-धोकर साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
- इसके बाद गणेश जी की पूजा की तैयारी करें। इसके लिए भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर के सामने साफ-सुथरे आसन पर बैठ जाएं और उनका ध्यान करें
- ध्यान रहे कि पूरब या उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठना शुभ माना गया है।
- भगवान गणेश की पूजा में धूप, दीप, पुष्प, दूर्वा, रोली, लाल चंदन, कपूर और भोग के लिए मोदक का इस्तेमाल किया जाता है।
- पूजा के दौरान गणेशजी को सूखे सिंदूर का तिलक लगाना शुभ माना गया है।
- पूजा के बाद भगवान गणेश की आरती करें और उन्हें भोग लगाएं।
- इसके बाद सभी में प्रसाद को बांट दें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।