अपडेटेड 19 February 2026 at 12:53 IST
Falgun Purnima 2026: फाल्गुन पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण तो फिर कैसे करेंगे स्नान-दान? सुबह से ही लगेगा सूतक काल, जानें क्या करें
Falgun Purnima 2026: साल 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा बेहद शुभ फलदायी माना जाता है। वहीं इस दिन चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इसलिए असमंजस की स्थिति है कि चंद्र ग्रहण के लिए स्नान-दान कैसे करेंगे? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Falgun Purnima 2026: हिंदू धर्म में फाल्गुन पूर्णिमा को बेहद शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण का साया रहेगा। वहीं ग्रहण के कारण सभी भक्तों में मन में कंफ्यूजन है कि पूर्णिमा के दिन ग्रहण है तो फिर स्नान और दान कैसे करेंगे और पूजा-पाठ किस तरह किया जाएगा?
आइए इस लेख में विस्तार जानते हैं कि फाल्गुन पूर्णिमा के दिन स्नान और दान कब और कैसे करें और इसका महत्व क्या है?
चंद्र ग्रहण का साया और फाल्गुन पूर्णिमा के दिन स्नान-दान का महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इसी दिन होलिका दहन होता है । वहीं इस साल फाल्गुन पूर्णिमा 3 मार्च को पड़ रही है और चंद्र ग्रहण भी इसी दिन फाल्गुन पूर्णिमा पड़ रही है। लेकिन इस बार इस पावन तिथि पर चंद्र ग्रहण लग रहा है, जिससे सूतक काल और पूजा की विधियों में बदलाव आएगा।
फाल्गुन पूर्णिमा पर कैसे करें स्नान और दान?
ग्रहण के साये में भी फाल्गुन पूर्णिमा का पुण्य फल प्राप्त किया जा सकता है। चूंकि पूर्णिमा तिथि सुबह से लग जाएगी, इसलिए ग्रहण के सूतक काल शुरू होने से पहले ही पवित्र नदियों में स्नान कर लेना श्रेष्ठ है। यदि घर पर स्नान कर रहे हैं, तो पानी में गंगाजल मिला लें।
ग्रहण काल समाप्त होने के बाद दान करना 'अक्षय पुण्य' देता है। 3 मार्च की शाम या अगले दिन सुबह सफेद वस्तुओं का दान करना चंद्रमा को मजबूत करता है और दोषों का निवारण करता है। साथ ही व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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फाल्गुन पूर्णिमा के दिन स्नान-दान का मुहूर्त
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- 3 मार्च 2026, सुबह 03:55 बजे से
- पूर्णिमा तिथि समाप्त- 4 मार्च 2026, रात 01:50 बजे तक
- स्नान के लिए मुहूर्त - सुबह 05:05 से 05:54 तक
- दान के लिए मुहूर्त - दोपहर 12:09 से 12:56 तक
सूतक कब से हो रहा है शुरू?
- सूतक शुरू- 3 मार्च 2026, सुबह 9:39 से
- सूतक समाप्त- 3 मार्च 2026, शाम 6:46
फाल्गुन पूर्णिमा का महत्व क्या है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा विधिवत रूप से पूजा करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और घर में सुख-समृद्धि आती है। चंद्र ग्रहण के कारण इस बार संयम और साधना का महत्व दोगुना हो गया है।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 19 February 2026 at 12:53 IST