Diwali Deepak 2025: दिवाली पूजा में मां लक्ष्मी के सामने घी या तेल कौन सा दीपक जलाएं? जान लें सही नियम
Diwali Deepak 2025: हिंदू धर्म में दिवाली की पूजा में विशेष नियमों का पालन करना जरूरी माना जाता है। अब ऐसे में मां लक्ष्मी की पूजा में घी या तेल कौन सा दीपक जलाना शुभ माना जाता है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
- 3 min read

Diwali Deepak 2025: आज पूरे देश में दिवाली का त्योहार हर्षल्लास के साथ मनाया जा रहा है। आज के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा विधिवत रूप से करने का विधान है। ऐसा कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति को बार-बार आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है तो आप मां लक्ष्मी की पूजा धार्मिक अनुष्ठान के साथ करें। आपको बता दें, इस दिन मां लक्ष्मी की आरती भूलकर भी खड़े होकर न करें। ऐसा इसलिए क्योंकि मां लक्ष्मी चंचल हैं और अगर हम उनकी आरती खड़े होकर करते हैं तो यह पूजा संपन्नता का प्रतीक माना जाता है और हम देवी-देवताओं को प्रस्थान करने का ही संकेत देते हैं। इसलिए आप अन्य देवी-देवताओं की आरती खड़े होकर करें, लेकिन मां लक्ष्मी की आरती बैठकर करें।
अब ऐसे में सवाल है कि मां लक्ष्मी की पूजा में कौन सा दीपक जलाना शुभ जाता है। घी या तेल शुभता का कारक कौन माना जाता है? आइए इस लेख में ज्योतिषाचार्य पंडित दयानंद त्रिपाठी से विस्तार से जानते हैं।
मां लक्ष्मी के सामने कौन सा दीपक जलाएं?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा-पाठ और देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए घी का दीपक जलाना सबसे उत्तम माना जाता है। दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा में घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ और लाभकारी होता है। बता दें, घी को शुद्धता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। विशेष रूप से गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाने से माता लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं। ऐसी मान्यता है कि घी का दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और दरिद्रता दूर होती है। यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को भी समाप्त करता है।
हालांकि, आप पूजा में सरसों के तेल, तिल के तेल या अलसी के तेल का दीपक भी जला सकते हैं। यदि आपके पास शुद्ध घी उपलब्ध नहीं है, तो आप तेल का दीपक जला सकते हैं। शनि देव की कृपा पाने और नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए भी तेल का दीपक जलाया जाता है।
Advertisement
पूजा के लिए सही नियम क्या है?
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मुख्य पूजा करते समय उनके सामने गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए। यह दीपक पूजा की समाप्ति तक जलता रहना चाहिए।
- घर के अन्य स्थानों जैसे मुख्य द्वार, आंगन, तुलसी चौराहा या अन्य जगहों पर आप सरसों के तेल या तिल के तेल का दीपक जला सकते हैं।
- पूजा के दौरान दीपक हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके जलाना शुभ माना जाता है। मुख्य द्वार पर दीपक की लौ अंदर की तरफ होनी चाहिए, ताकि लक्ष्मी का वास घर में हो।
- परंपरा के अनुसार दिवाली पर मिट्टी के नए दीये जलाना बहुत शुभ होता है। मुख्य पूजा के दीये को दुबारा उपयोग नहीं करना चाहिए।
- घी के दीपक में हमेशा सफेद रूई की बाती का उपयोग करें। तेल के दीपक में लाल बाती का प्रयोग शुभ माना जाता है।
- दिवाली पर कम से कम 13 या 21 दीपक जलाने चाहिए।