Chhath Sandhya Arghya Samagri: छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य में क्या-क्या सामग्री लगेगी? एक बार पूरी लिस्ट देख लें
Chhath Sandhya Arghya Samagri: कल छठ पूजा का तीसरा दिन है और इस दिन सूर्यदेव को शाम के समय अर्घ्य देने का विधान है। आइए इस लेख में विस्तार से सामग्री लिस्ट के बारे में जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Chhath Sandhya Arghya Samagri: हिंदू धर्म में छठ पूजा अस्ताचलगामी यानी की संध्या अर्घ्य देने का विधान है। सूर्यदेव को साक्षात देवता माना जाता है। जो ऊर्जा, स्वास्थ्य और जीवन के दाता माने जाते हैं। इस दिन सूर्यदेव और छठी मैया की पूजा करने का विधान है। वही छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य देने का विधान है। इस अर्घ्य की यह मान्यता होती है कि दिनभर ऊर्जा, रोशनी और जीवन देने वाले सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है। छठ पूजा का संध्या अर्घ्य कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। जो बेहद पवित्र और सौभाग्यशाली माना जाता है। छठ पूजा की सभी सामग्री और भोग इतने नियम और पवित्रता के साथ बनाई जाती है।
अब ऐसे में छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य में क्या-क्या सामग्री लगेगी? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
छठ पूजा के तीसरे दिन संध्या अर्घ्य में क्या-क्या सामग्री लगेगी?
संध्या अर्घ्य की तैयारी में कुछ पारंपरिक बर्तनों और वस्तुओं का होना जरूरी है।
- बांस की दो टोकरी (सूप या दउरा) - प्रसाद और अर्घ्य सामग्री रखने के लिए ये सबसे महत्वपूर्ण हैं। इनमें से एक टोकरी में संध्या अर्घ्य का प्रसाद सजाया जाता है।
- बांस या पीतल का सूप - यह प्रसाद और फल रखने के लिए इस्तेमाल होता है।
- तांबे/पीतल/कांसे का लोटा/कलश - सूर्य देव को दूध और जल का अर्घ्य देने के लिए।
- कच्चा दूध और शुद्ध जल- अर्घ्य के लिए आवश्यक है। इसमें थोड़ा गंगाजल भी मिलाया जाता है।
- दीपक, घी और बाती - मिट्टी के छोटे दीपक और शुद्ध घी
- गन्ना - कम से कम 5 या 7 पत्ते लगे हुए पूरे गन्ने, जो घाट पर मंडप बनाने और समृद्धि के प्रतीक के रूप में उपयोग किए जाते हैं।
छठी मैया का विशेष प्रसाद क्या-क्या है?
छठ पूजा में प्रसाद का विशेष महत्व होता है, जिसे अत्यंत पवित्रता के साथ तैयार किया जाता है:
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- ठेकुआ- यह छठ पूजा का सबसे मुख्य और पारंपरिक प्रसाद है, जिसे गेहूं के आटे, गुड़ और शुद्ध घी से बनाया जाता है।
- चावल के लड्डू - चावल के आटे और गुड़/शक्कर से बने लड्डू भी अनिवार्य प्रसाद हैं।
- केला, नारियल, गागल बड़ा निंबू, सेब, अमरूद, संतरा, नाशपाती, शरीफा आदि
- कंद मूल फल - शकरकंद और सुथनी
- पान का पत्ता, सुपारी, शहद, खजूर, सिंघाड़ा, मूली और अदरक आदि।
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पूजन सामग्री क्या-क्या लगेगी?
अर्घ्य के समय इस्तेमाल होने वाली सामान्य पूजन सामग्री भी सूप में रखी जाती है।
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- अक्षत
- सिंदूर, रोली और चंदन
- हल्दी का पौधा
- फूल-मालाएं
- अगरबत्ती/धूप और कपूर
- कलावा
- नई साड़ी या वस्त्र