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Chandra Grahan 2026: दिल्ली समेत भारत के कई शहरो में नजर आया साल का पहला चंद्र ग्रहण, 'ब्लड रेड मून' का अदभुत नजारा कैमरे में कैद

Chandra Grahan 2026: Chandra Grahan 2026 LIVE: आज फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर साल का पहला चंद्र ग्रहण लग चुका है। यहां आपको ग्रहण से जुड़ी हर जानकारी मिल जाएगी।

Chandra Grahan 2026
Chandra Grahan 2026 | Image: Freepik

Chandra Grahan 2026:  आज 3 मार्च 2025 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लग चुका है। यह एक खंडग्रास चंद्र ग्रहण है, जो ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगा है, जिसका प्रभाव विभिन्न राशियों पर देखने को मिलेगा।
भारत में दृश्यमान होने के कारण इस ग्रहण का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व बढ़ गया है। वहीं सुबह 06:20 बजे से सूतक काल शुरू हो चुका है। सूतक से लेकर चंद्रग्रहण लगने के समय और इस दौरान क्या करें और क्या नहीं। यहां आपको ग्रहण से जुड़ी हर जानकारी मिल जाएगी।
 


ग्रहण के बाद क्या करें?

ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान, दान, सफाई और पूजा जैसे छोटे-छोटे उपाय करने से घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि बनी रहती है।


दिल्ली में नजर आया चंद्र ग्रहण 2026?

दिल्ली के कई इलाकों में 6.26 मिनट पर चंद्र ग्रहण देखा गया है।

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देश के कई हिस्सों में नजर आया चंद्र ग्रहण 2026?

लगभग 6.11 पर भारत में कई जगहों पर चंद्र ग्रहण का अद्भुत नजारा आसमान में दिखने लगा है। खबरों के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर,मेघालय और मिजोरम में चंद्र ग्रहण का दुर्लभ दृश्य दिख गया है। 


किन राशियों को चंद्र ग्रहण 2026 खत्म होने के बाद भी रहना होगा सावधान?

चंद्र ग्रहण 2026 खत्म होने के बाद भी 4 राशियों पर इसका प्रभाव कई दिनों तक नजर आएगा। इसमें मीन, धनु. कन्या और मिथुन राशि शामिल हैं। 


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भारत में कितने बजे दिखेगा चंद्र ग्रहण 2026?

3 मार्च को भारत में चंद्रोदय का समय शाम को करीब 06 बजकर 26 मिनट पर बताया गया है । बता दें कि चंद्रोदय होते ही भारत के कई हिस्सों में चंद्र ग्रहण नजर आएगा। इसके बाद शाम 6 बजकर 46 मिनट तक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा।
 


चंद्र ग्रहण कब से होगा शुरू?

ग्रहण का प्रारंभ  -   दोपहर 02:14 बजे से
आंशिक ग्रहण का प्रारंभ -   दोपहर 03:20 बजे से
पूर्ण चंद्र ग्रहण  शुरू  -  शाम 04:34 बजे से
अधिकतम ग्रहण- शाम 05:03 बजे
पूर्णता समाप्त - शाम 05:32 बजे
भारत में दृश्य समय -शाम 06:20 से 06:46 बजे तक
ग्रहण की समाप्ति (मोक्ष) -   शाम 06:46 बजे


चंद्र ग्रहण और चतुर्ग्रही योग के महासंयोग से इन 5 राशियों को होगा लाभ

वृषभ राशि 
लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होंगे और व्यापार में बड़ा मुनाफा होने की संभावना है।

मिथुन राशि
नौकरी में पदोन्नति और मान-सम्मान में वृद्धि होगी। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

सिंह राशि
राजयोग के प्रभाव से आपको पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है।

तुला राशि 
आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार होगा। अगर आप निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह समय उत्तम है। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा।

धनु राशि 
विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता हासिल होगी।


चंद्र ग्रहण के बाद क्या करें?

  • ग्रहण खत्म होते ही सबसे पहले स्नान करना चाहिए। माना जाता है कि ग्रहण के दौरान निकलने वाली नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए गंगाजल मिले पानी से स्नान करना शुभ होता है। इसके बाद साफ और धुले हुए कपड़े पहनें।
  • पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें। घर के मंदिर की सफाई करें और देवी-देवताओं की मूर्तियों को गंगाजल से स्नान कराएं। ग्रहण के बाद तुलसी के पौधे पर भी गंगाजल छिड़कें, क्योंकि इसे अत्यंत पवित्र माना जाता है।
  • ग्रहण के बाद दान करना सबसे फलदायी माना जाता है। आप जैसे चावल, चीनी, दूध या सफेद कपड़े का दान कर सकते हैं। 
  • ग्रहण के दौरान बने हुए भोजन को ग्रहण करने से बचा जाता है। यदि आपने भोजन में पहले से कुशा या तुलसी के पत्ते डाले थे, तो उसे शुद्ध माना जाता है।
  • अन्यथा, ताजा भोजन बनाकर ही ग्रहण करें। ग्रहण के बाद बासी भोजन करने से परहेज करना चाहिए।
  • ग्रहण की समाप्ति के बाद अपने ईष्ट देव की पूजा करें। धूप-दीप जलाएं और हनुमान चालीसा या गायत्री मंत्र का पाठ करना मानसिक शांति और सकारात्मकता के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।

भारत में दिखाई देगा साल का पहला चंद्र ग्रहण 2026

भारत के अधिकांश हिस्सों में ग्रहण चंद्रोदय के समय दिखाई देगा। इसका मतलब है कि जब चांद निकलेगा, तब ग्रहण पहले से ही लगा होगा।

  • पूर्वोत्तर भारत : असम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मेघालय जैसे राज्यों में यह सबसे स्पष्ट और अधिक समय के लिए दिखाई देगा। यहां पूर्ण ग्रहण  के कुछ अंश देखे जा सकते हैं।
  • शेष भारत: दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे शहरों में चंद्रमा के उदय होने पर ग्रहण का अंतिम चरण दिखाई देगा। यहाँ यह लगभग 20 से 40 मिनट तक ही दिखाई देगा।

चंद्र ग्रहण 2026 किन राशियों के लिए रहेगा शुभ?

वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को लगने जा रहा है। यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसे 'ब्लड मून' भी कहा जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा। चूंकि चंद्रमा मन का कारक है और यह ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, इसलिए सभी 12 राशियों पर इसका अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा। 

सकारात्मक प्रभाव वाली राशियां

मिथुन राशि- आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। अटके हुए काम पूरे होंगे और भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा।

तुला राशि- यह ग्रहण आपके लिए बहुत शुभ रह सकता है। आय के नए स्रोत बनेंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

वृश्चिक राशि- करियर में उन्नति के योग हैं। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।

मीन राशि- मानसिक शांति महसूस होगी और स्वास्थ्य में सुधार आएगा। धन लाभ की संभावना है।


चंद्र ग्रहण के बाद क्या दान करें ?

  • मेष राशि - मसूर दाल का दान करें।
  • वृषभ राशि - चावल और आटा का दान करें।
  • मिथुन राशि - अन्न और धन का दान करें।
  • कर्क राशि - खीर बनाकर लोगों में वितरित करें।
  • सिंह राशि - गेहूं का दान करें।
  • कन्या राशि - मूंग दाल का दान करें।
  • तुला राशि - सफेद रंग के वस्त्र का दान करें।
  • वृश्चिक राशि - लाल रंग के कपड़े का दान करें।
  • धनु राशि - मकई और चने की दाल का दान करें।
  • मकर राशि - साबुत उड़द की दाल का दान करें।
  • कुंभ राशि - काले तिल और सरसों का दान करें।
  • मीन राशि - पीले रंग के वस्त्र का दान करें।

सूतक काल के दौरान क्या करें?

सूतक काल को हिंदू धर्म में एक 'अशुद्धि' का समय माना जाता है, जो मुख्य रूप से परिवार में किसी के जन्म या मृत्यु के समय लगता है। इस दौरान ऊर्जा के प्रवाह और शुद्धता को बनाए रखने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।

मानसिक जाप- इस दौरान मूर्तियों को छूना मना होता है, इसलिए आप मन ही मन अपने ईष्ट देव का ध्यान या मंत्र जप कर सकते हैं।

दान कार्य- सूतक समाप्त होने के बाद गरीबों को अनाज, वस्त्र या धन का दान करना शुभ माना जाता है।

सफाई का ध्यान- सूतक समाप्त होने पर पूरे घर की साफ-सफाई करें, गंगाजल छिड़कें और स्वयं भी स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।

योग और ध्यान- अपने मन को शांत रखने के लिए आप योग या मेडिटेशन का सहारा ले सकते हैं।


चंद्र ग्रहण का सूतक काल हुआ शुरू

सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर शुरू हो चुका है। चूंकि यह ग्रहण भारत के कई बड़े शहरों में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल पूर्ण रूप से मान्य होगा। शास्त्रों के अनुसार, सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ वर्जित होता है और मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। विशेषकर गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।


सूतक काल में भूलकर भी क्या न करें?

  • सूतक काल में घर के मंदिर में मूर्तियों को स्पर्श नहीं करना चाहिए। मंदिर के पट या पर्दा बंद कर देना चाहिए।
  • दीपक जलाना, आरती करना या विधिवत पूजा करना इस दौरान वर्जित है। हालांकि, आप मन ही मन मानसिक जाप कर सकते हैं।
  • इस समय तुलसी के पौधे को छूना या उसके पत्ते तोड़ना अशुभ माना जाता है।
  • नई गाड़ी, सोना या कीमती सामान खरीदने से बचना चाहिए।
  • सूतक काल में भोजन बनाना और खाना टालना चाहिए।
  • ग्रहण वाले सूतक में पहले से बने भोजन और दूध/दही में तुलसी के पत्ते डाल देने चाहिए ताकि वे अशुद्ध न हों।
  • मांस, मदिरा या तामसिक भोजन का सेवन भूलकर भी न करें।
  • बाल काटना, नाखून काटना या दाढ़ी बनाना सूतक काल में वर्जित माना गया है।
  • ग्रहण के सूतक काल में गर्भवती महिलाओं को नुकीली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

 


सूतक काल में खाना-पीना खाएं या नहीं?

शास्त्रों के अनुसार, सूतक काल शुरू होने के बाद ठोस आहार लेने से बचना चाहिए। माना जाता है कि इस दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है जो भोजन को प्रभावित कर सकती है। छोटे बच्चों को भूख लगने पर भोजन दिया जा सकता है। सेहत का ध्यान रखते हुए वे हल्का आहार और पानी ले सकती हैं। सूतक काल के दौरान नया भोजन पकाने से बचना चाहिए। पीने के पानी के बर्तन में भी तुलसी के पत्ते या 'कुशा' डाल देना शुभ माना जाता है।

Published By :
Aarya Pandey

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