अपडेटेड 14 March 2026 at 13:48 IST
Chaitra Navratri 2026: कलश स्थापना मुहूर्त से लेकर सामग्री तक... चैत्र नवरात्रि के लिए नोट कर लें सबकुछ, इन बातों का भी रखें खास ध्यान
Chaitra Navratri 2026: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चैत्र नवरात्रि को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अगर आप भी व्रत और पूजा-पाठ कर रहे हैं। तो आप इस लेख को जरूर पढ़ें।
- धर्म और अध्यात्म
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Chaitra Navratri 2026: वैदिक पंचांग के अनुसार, 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा का नौ स्वरूपों की पूजा विधिवत रूप से करने का विधान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान जो व्यक्ति व्रत रखता है और पूजा-पाठ करता है। उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और सभी संकटों से भी छुटकारा मिल जाता है। अब ऐसे में अगर आप मां दुर्गा की पूजा कर रहे हैं तो कलश स्थापना मुहूर्त से लेकर पूजा मुहूर्त और पूजा के लिए क्या-क्या सामग्री की जरूरत पड़ेगी? इसके लिए इस लेख को विस्तार से जरूर पढ़ें।
चैत्र नवरात्रि के दिन कलश स्थापना का मुहूर्त
चैत्र नवरात्र में 19 मार्च को घटस्थापना की जाएगी। घटस्थापना मुहूर्त- सुबह 06 बजकर 52 मिनट से सुबह 07 बजकर 46 मिनट
घटस्थापना अभिजित मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 04 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट
चैत्र नवरात्रि के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त
चैत्र नवरात्रि के दिन पूजा के दिन शुभ मुहर्त के बारे में विस्तार से जान लें।
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 51 मिनट से 05 बजकर 59 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12 बजकर 05 मिनट से दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 30 मिनट से 03 बजकर 18 मिनट पर
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 29 मिनट से 06 बजकर 53 मिनट तक
चैत्र नवरात्रि के दिन पूजा के लिए क्या-क्या सामग्री लगेगी?
चैत्र नवरात्रि के दिन पूजा के लिए सामग्री के बारे में विस्तार से जान लें।
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- लाल कपड़ा
- फूल
- फूल माला
- इलायची
- लौंग
- कपूर
- अक्षत
- हल्दी
- सुपारी
- मौली
- रोली
- जटा वाला नारियल
- आम या अशोक के पत्ते
- अनाज, साफ जवा
- कलश
- गंगाजल
- मिट्टी का बर्तन
- किसी पवित्र स्थान की मिट्टी
- अखंड ज्योति के लिए बड़ा दीया, रुई की बाती
चैत्र नवरात्रि के दिन इन बातों का रखें खास ध्यान
- इन दिनों तामसिक भोजन प्याज, लहसुन, मांस-मदिरा का पूरी तरह त्याग करें।
- व्रत रखने वालों को साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का प्रयोग करना चाहिए। कुट्टू का आटा, सिंघाड़ा आटा, साबूदाना और फलों का सेवन उत्तम रहता है।
- यदि आपने घर में अखंड ज्योति जलाई है, तो घर को कभी भी खाली न छोड़ें। दीपक की लौ का ध्यान रखें और उसमें समय-समय पर घी डालते रहें।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान बाल काटना, दाढ़ी बनाना और नाखून काटना वर्जित माना जाता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 14 March 2026 at 13:48 IST