अपडेटेड 20 March 2026 at 08:12 IST
Chaitra Navratri 2026 Day 2: नवरात्रि के दूसरे दिन आज करें मां ब्रह्मचारिणी की उपासना, जानें पूजा का सही नियम और मंत्र
Maa Brahmacharini Ki Puja: नवरात्रि का दूसरा दिन हमें सिखाता है कि जीवन में सफलता पाने के लिए धैर्य, तप और मेहनत बहुत जरूरी है। अगर सच्चे मन से मां की आराधना की जाए, तो वे अपने भक्तों को ज्ञान, शक्ति और सफलता का आशीर्वाद जरूर देती हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Chaitra Navratri 2026 Maa Brahmacharini Puja: चैत्र नवरात्रि का दूसरा दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है। यह दिन तप, त्याग, संयम और साधना का प्रतीक माना जाता है। “ब्रह्मचारिणी” का अर्थ है तप का आचरण करने वाली देवी। मां के एक हाथ में जपमाला और दूसरे हाथ में कमंडल होता है, जो ध्यान, ज्ञान और साधना का संदेश देता है।
मां ब्रह्मचारिणी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी अपने भक्तों को धैर्य, अनुशासन और कड़ी मेहनत का महत्व सिखाती हैं। यह दिन खासकर विद्यार्थियों के लिए बहुत शुभ माना जाता है। मां का आशीर्वाद मिलने से ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है। जीवन में सफलता पाने के लिए एकाग्रता और मेहनत की प्रेरणा मिलती है।
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का शुभ मुहूर्त और योग
इस दिन पूजा के लिए विशेष शुभ योग बन रहे हैं:
- सर्वार्थ सिद्धि योग - पूरे दिन रहेगा
- अमृत सिद्धि योग - सुबह 6:25 बजे से अगले दिन सुबह तक
इन शुभ योगों में पूजा करने से कई गुना अधिक फल मिलता है।
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मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि
पूजा करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
- सबसे पहले स्नान करके साफ और स्वच्छ कपड़े पहनें।
- मां की प्रतिमा या तस्वीर को स्थापित करें।
- मां को सफेद फूल, अक्षत, रोली और चंदन अर्पित करें।
- दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से स्नान कराएं।
- मां को सफेद वस्त्र अर्पित करें। बता दें कि यह रंग उन्हें प्रिय होता है।
- भोग में मेवे, पान, सुपारी, लौंग और इलायची चढ़ाएं।
- अंत में आरती करें और श्रद्धा अनुसार दक्षिणा दें।
आज के दिन करें ये विशेष उपाय
पूजा के बाद ये उपाय करने से मां की विशेष कृपा मिलती है।
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- गाय, बैल या सांड को चारा खिलाएं।
- जरूरतमंद को दान करें।
- मन में सच्ची श्रद्धा रखें।
ऐसा करने से जीवन में निर्भयता, सम्मान और सफलता मिलती है।
मां ब्रह्मचारिणी का मंत्र
पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप जरूर करें।
“या देवी सर्वभूतेषु ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”
इस मंत्र का 108 बार जाप करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही, ज्ञान और बुद्धि बढ़ती है। इसके अलावा कार्यों में सफलता मिलती है।
नवरात्रि का दूसरा दिन हमें सिखाता है कि जीवन में सफलता पाने के लिए धैर्य, तप और मेहनत बहुत जरूरी है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। अगर सच्चे मन से मां की आराधना की जाए, तो वे अपने भक्तों को ज्ञान, शक्ति और सफलता का आशीर्वाद जरूर देती हैं।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Samridhi Breja
पब्लिश्ड 20 March 2026 at 08:12 IST