अपडेटेड 23 February 2026 at 08:45 IST
Amlaki Ekadashi 2026 Kab Hai: 26 या 27 फरवरी कब है आमलकी एकादशी? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व
Amlaki Ekadashi 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में सभी एकादशी तिथि को शुभ माना जाता है। अब ऐसे में फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आमलकी एकादशी कहा जाता है। इस दिन किस मुहूर्त में पूजा करें और महत्व क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
- धर्म और अध्यात्म
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Amlaki Ekadashi 2026 Kab Hai: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, और जब बात आमलकी एकादशी की हो, तो इसका महत्व दोगुना हो जाता है। इसे 'आमला एकादशी' या 'रंगभरी एकादशी' के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ आंवले के वृक्ष की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
अब ऐसे में इस साल आमलकी एकादशी कब मनाई जाएगी और पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं।
आमलकी एकादशी कब है?
एकादशी तिथि प्रारंभ- 26 फरवरी 2026 को दोपहर 12:45 बजे से आरंभ हो रहा है।
एकादशी तिथि समाप्त- 27 फरवरी 2026 को सुबह 10:15 बजे तक रहेगा।
26 फरवरी को एकादशी तिथि दोपहर में शुरू हो रही है और 27 फरवरी को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि का समापन होगा। इसलिए आमलकी एकादशी का व्रत 27 फरवरी 2026, शुक्रवार को रखा जाना ही शास्त्र सम्मत है।
आमलकी एकादशी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
27 फरवरी को पूजा के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं।
पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त- सुबह 06:48 से सुबह 09:39 तक है।
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:11 से दोपहर 12:57 तक
पारण समय- 28 फरवरी 2026 को सुबह 06:47 से सुबह 09:05 के बीच।
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आमलकी एकादशी की पूजा का महत्व क्या है?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने सृष्टि की रचना के लिए ब्रह्मा जी को उत्पन्न किया, उसी समय आंवले के वृक्ष की भी उत्पत्ति हुई थी। भगवान विष्णु ने स्वयं कहा है कि जो भी व्यक्ति इस दिन आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर उनकी पूजा करेगा, उसे समस्त पापों से मुक्ति मिलेगी।
आयुर्वेद और धर्म दोनों में आंवले को अमृत फल माना गया है। इसकी पूजा से उत्तम स्वास्थ्य मिलता है। इस एकादशी तिथि के दिन व्रत रखने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है।
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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ अलग-अलग सूचना और मान्यताओं पर आधारित है। REPUBLIC BHARAT इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता और प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 23 February 2026 at 08:45 IST