Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के दिन क्या करें दान, क्या नहीं करें? प्रेमानंद महाराज ने बताया- बाहर पानी भी नहीं पीना...
Akshaya Tritiya: अक्षय तृतीया का दिन बेहद खास माना जाता है। इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है। इस दिन आप बिनी मुहूर्त देखे मांगलिक कार्य कर सकते हैं। अब ऐसे में प्रेमानंद महाराज ने इस दिन एकमात्र ऐसी चीज दान करने के बारे में बताया है। जिससे व्यक्ति को अक्षय फलों की प्राप्ति हो सकती है।
- धर्म और अध्यात्म
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Akshaya Tritiya: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया फिर आखा तीज का विशेष महत्व है। 'अक्षय' का अर्थ है जिसका कभी क्षय न हो, यानी जिसका फल कभी समाप्त न हो। इस दिन किए गए दान, पुण्य और भजन का फल अनंत काल तक बना रहता है। इस वर्ष अक्षय तृतीया पर लोग सोने की खरीदारी और दान-पुण्य की तैयारी में जुटे हैं, लेकिन वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज ने इस दिन के नियमों और दान की महिमा को लेकर कुछ ऐसी बातें बताई हैं, जो आपकी आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। आइए जानते हैं।
प्रेमानंद महाराज ने बताया क्या दान करें ?
अक्षय तृतीया के संदर्भ में प्रेमानंद महाराज एक बहुत ही गहरा सिद्धांत समझाते हैं। वे कहते हैं कि यह दिन केवल वस्तुएं खरीदने का नहीं, बल्कि नाम जप और संयम का है।
महाराज जी अक्सर इस बात पर जोर देते हैं कि यदि आप अपनी साधना और पुण्य को बचाकर रखना चाहते हैं, तो अकारण किसी का आतिथ्य स्वीकार करने से बचें। उनका कहना है कि बाहर पानी भी नहीं पीना का संकेत इस ओर है कि हम बिना वजह दूसरों का अन्न या जल ग्रहण न करें, क्योंकि इससे हमारे अपने पुण्य क्षीण होते हैं और हम सामने वाले के कर्मों के भागीदार बन जाते हैं।
अक्षय तृतीया पर लिया गया दान या उपभोग आपके संचित पुण्यों को कम कर सकता है, जबकि इस दिन किया गया त्याग और भगवान का नाम जप आपको अक्षय लोक की प्राप्ति कराता है।
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अक्षय तृतीया पर भूलकर भी न करें ये काम
इस दिन घर में शांति बनाए रखें। अपशब्द कहने या क्रोध करने से माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं।
इस दिन मांस, मदिरा और लहसुन-प्याज के सेवन से बचें। सात्विकता ही इस दिन का मूल आधार है।
दान हमेशा अपनी मेहनत की नेक कमाई से ही करना चाहिए। छल-कपट से कमाए धन का दान कोई फल नहीं देता।
दान करते समय मन में 'दाता' होने का अहंकार न लाएं। यह भाव रखें कि प्रभु का दिया ही प्रभु को समर्पित कर रहे हैं।