PM मोदी ने देश को समर्पित किया राष्ट्र प्रेरणा स्थल, बोले- अटल जयंती सुशासन उत्सव का दिन, उन्होंने सही मायने में सुशासन को जमीन पर उतारा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज लखनऊ दौरे पर हैं। अपने दौरे में पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के मौके पर 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' का लोकार्पण किया। इस मौके पर जनसभा को संबोधित भी किया और अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यों को भी याद किया।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के लखनऊ दौरे पर हैं। अपने दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के मौके पर 'राष्ट्र प्रेरणा स्थल' का लोकार्पण किया। खूबसूरत राष्ट्र प्रेरणा स्थल को लखनऊ ने वसंत कुंज इलाके में गोमती नदी के किनारे बनाया गया है। अटल बिहारी वाजपेयी के अलावा, पीएम मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीन दयाल उपाध्याय की विशाल कांस्य प्रतिमाओं का भी अनावरण किया। इस खास मौके पर पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए अटल बिहारी, दीन दयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी के कार्यों को भी याद किया।
'25 दिसंबर दो महान विभूतियों का जन्म'- पीएम मोदी
लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करने के बाद पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा
"आज लखनऊ की ये भूमि एक नई प्रेरणा की साक्षी बन रही है। इससे पहले मैं देश और दुनिया को क्रिसमस की शुभकामनाएं देता हूं... 25 दिसंबर का ये दिन देश की दो महान विभूतियों के जन्म का अद्भुत संयोग लेकर आता है। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और भारत रत्न मदन मोहन मालवीय इन दोनों महापुरुषों ने भारत की अस्मिता, एकता और गौरव की रक्षा की है और राष्ट्र निर्माण में अपनी अमिट छाप छोड़ी है।"
'आत्मसम्मान, एकता और सेवा का मार्ग'-पीएम मोदी
पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा 'ये राष्ट्र प्रेरणा स्थल उस सोच का प्रतीक है जिसने भारत को आत्मसम्मान, एकता और सेवा का मार्ग दिखाया है। डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी जी इनकी विशाल प्रतिमाएं जितनी ऊंची हैं इनसे मिलनी वाली प्रेरणाएं उससे भी बुलंद है।"
'सुशासन के उत्सव का भी दिन'-पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा
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'आज अटल जी की जयंती का यह दिन, सुशासन के उत्सव का भी दिन है। लंबे समय तक देश में 'गरीबी हटाओ' जैसे नारों को ही सुशासन मान लिया गया था, लेकिन अटल जी ने सही मायनों में सुशासन को जमीन पर उतारा। आज डिजिटल पहचान की इतनी चर्चा होती है, उसकी नींव रखने का काम अटल जी की सरकार ने ही किया था।"