'अधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा', 38 साल पहले अटल विहारी वाजपेयी ने की थी भविष्यवाणी, पुण्यतिथि पर PM मोदी ने यूं किया याद
अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पीएम मोदी ने उन्हें याद करते हुए कहा, 'उनके विचारों और प्रयासों ने पीढ़ियों को प्रेरित किया और उनके नेतृत्व ने हमारे देश को मजबूत बनाया'।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर रविवार को उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे एक असाधारण राजनेता थे, जिनकी दूरदृष्टि अद्वितीय थी तथा उन्होंने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। पूरा देश आज उन्हें नमन कर रहा है। देशभर में विभिन्न स्थानों पर अटल जी की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए अपने X पोस्ट में लिखा,'अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहा हूं। वह एक असाधारण राजनेता थे, जिनकी दूरदृष्टि अद्भुत थी। उन्होंने अपना जीवन हमारे राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।”
वो हमेशा हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे-PM मोदी
देश के लिए उनके योगदान को याद करते बुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'उनके विचारों और प्रयासों ने पीढ़ियों को प्रेरित किया और उनके नेतृत्व ने हमारे देश को मजबूत बनाया। सुशासन और जन-कल्याण पर उनका जोर हमेशा हमारा मार्गदर्शन करता रहेगा।'
अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री को यूं किया याद
वहीं, केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने भी पूर्व प्रधानमंत्री अटल विहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने अपने X पोस्ट में लिखा, पूर्व प्रधानमंत्री व भाजपा के संस्थापक भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करता हूं। अटल जी एक ऐसे देशभक्त राजनेता थे, जिन्होंने अपने जीवन का एक-एक क्षण देश सेवा को समर्पित कर दिया। एक ओर उन्होंने परमाणु परीक्षण व कारगिल युद्ध में पूरी दुनिया को भारत की शक्ति से परिचित करवाया, वहीं दूसरी ओर उनकी मूल्य-आधारित राजनीति ने पहली बार अन्त्योदय व सुशासन की कल्पना को ज़मीन पर उतारा। अटल जी का विराट व्यक्तित्व व नेतृत्व भाजपा के हर कार्यकर्ता को राष्ट्र निर्माण के लिए सदैव प्रेरित करता रहेगा।
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38 साल पहले अटल विहारी वाजपेयी ने की थी ये भविष्यवाणी
बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के गठन के कुछ महीने बाद दिसंबर 1980 में मुंबई में पार्टी का पहला अधिवेशन हुआ था। उस ऐतिहासिक अधिवेशन में भाजपा के पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी को स्पष्ट शब्दों में परिभाषित किया था।अटल जी ने कहा था, “भाजपा का अध्यक्ष पद कोई अलंकार की वस्तु नहीं है। ये पद नहीं दायित्व है। प्रतिष्ठा नहीं है परीक्षा है। ये सम्मान नहीं है चुनौती है।
मुझे भरोसा है कि आपके सहयोग से देश की जनता के समर्थन से मैं इस जिम्मेदारी को ठीक तरह से निभा सकूंगा। अपने भाषण के अंत में उन्होंने पश्चिमी घाट को मंडित करने वाले महासागर के किनारे खड़े होकर एक भविष्यवाणी की थी.'अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा।' आज, लगभग 38 साल बाद अटल जी की वह भविष्यवाणी साकार होती दिख रही है। देश के 31 राज्यों में से 19 राज्यों में भाजपा या भाजपा गठबंधन की सरकारें हैं। पार्टी के पहले अधिवेशन में व्यक्त की गई आशा और संकल्प आज राष्ट्रीय राजनीति में स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहे हैं।