'सैकड़ों छोटे शहरों को ग्रोथ हब में बदलें', पुणे मेट्रो लाइन-3 के उद्घाटन के बाद बोले PM मोदी, कहा- 2014 तक देश के सिर्फ 5 शहरों में...

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि त्योहारों की खुशियां तब और बढ़ जाती हैं जब जीवन में कोई नई सुविधा जुड़ती है। आज पुणे के लोगों के लिए ऐसा ही एक सुखद अवसर है। मुझे खुशी है कि आज पुणे मेट्रो की एक और लाइन का लोकार्पण हो रहा है। 10 साल पहले मुझे पुणे में पहले चरण के काम के शिलान्यास का अवसर मिला था।

पीएम मोदी ने पुणे मेट्रो प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
पीएम मोदी ने पुणे मेट्रो प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। | Image: ANI/Pune Metro

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मंगलवार 3 नवंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिर 21000 करोड़ रुपये के पुणे मेट्रो प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने पुणे मेट्रो लाइन 3 को भी हरी झंडी दिखाई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों पर हमला बोला।

पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक इवेंट को संबोधित करते हुए सैकड़ों छोटे शहरों को ग्रोथ हब में बदलने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस साल फरवरी में मंजूर अर्बन चैलेंज फंड आने वाले कुछ सालों में शहरों में लाखों करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट लाने के लिए केंद्र सरकार से 1 लाख करोड़ की फंडिंग देगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "त्योहारों की खुशियां तब और बढ़ जाती हैं जब जीवन में कोई नई सुविधा जुड़ती है। आज पुणे के लोगों के लिए ऐसा ही एक सुखद अवसर है। मुझे खुशी है कि आज पुणे मेट्रो की एक और लाइन का लोकार्पण हो रहा है। 10 साल पहले मुझे पुणे में पहले चरण के काम के शिलान्यास का अवसर मिला था...ये मेट्रो शुरू होने से पुणे के एक बड़े IT हब को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी...।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "...हमारे देश में पहली मेट्रो 1984 में चली थी। उसके बाद के 30 साल में सिर्फ 248 किलोमीटर मेट्रो लाइन बनी। 2014 तक देश में सिर्फ 5 शहरों में मेट्रो चल रही थी। अगर वही पुरानी सोच चलती, पुरानी सरकार रहती, पुरानी कार्य संस्कृति रहती तो पुणे में मेट्रो को पहुंचने में और कई दशक लग जाते मगर 2014 में जब देश ने NDA को सेवा का मौका मिला तो हम एक संकल्प लेकर चले वो संकल्प शहर में रहने वाले मिडल क्लास की इज ऑफ लिविंग और इज ऑफ ट्रांसपोर्टेशन था। इसका नतीजा आज हम देख रहे हैं..."

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उन्होंने कहा कि शहर सिर्फ रहने की जगह नहीं है बल्कि आर्थिक गतिविधियों के बड़े सेंटर भी हैं। हमें सैकड़ों छोटे शहरों को भी ग्रोथ हब में बदलना है। केंद्र सरकार इसी सोच को ध्यान में रखते हुए इस साल फरवरी में अर्भन चैलेंज फंड को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार इस फंड के लिए एक लाख करोड़ की फंडिंग कर रही है। इसका मकसद देश के शहरों में लाखों करोड़ों रुपये का इन्वेस्टमेंट लाना है।
 

Published By:
 Sujeet Kumar
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