'मैंने लाल किले से होमियोपैथी की गोली दी थी, सारे दिमागी नक्सल बाहर निकल आए...' SRCC में बोले पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे कहा, मैंने इतनी सारी बातें बताईं, कुछ लोगों को लग सकता है, अरे क्या है भाई, 140 करोड़ का देश है, बहुत आसान था, मोदी ने क्या नया किया?
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के शताब्दी समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि दरियागंज के एक छोटे से स्थान से शुरू हुआ यह कॉलेज आज ज्ञान का विशाल वृक्ष बन चुका है। अपने 100 वर्षों के गौरवशाली सफर में SRCC ने लाखों युवाओं को उज्ज्वल भविष्य से जोड़ा है। पीएम मोदी ने कहा कि इस ऐतिहासिक संस्थान से निकलने वाले छात्र हमेशा देश-दुनिया में अपनी अलग छाप छोड़ते हैं और गढ़कर निकलते हैं।
इस संबोधन में पीएम मोदी ने अपने दिमागी नक्सल वाले बयान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, आज 2013 के मुकाबले, देश आर्थिक रूप से, सामाजिक रूप से कहीं अधिक सुरक्षित है। लेकिन ये देखकर कुछ लोगों की छटपटाहट बढ़ रही है, बौखलाहट बढ़ रही है। अभी 15 अगस्त का मेरा भाषण आपने सुना होगा, ऐसे लोगों के लिए अभी मैंने लाल किले से, एक होम्योपैथी का डोज दिया था, होम्योपैथी की गोली एक छोटी सी गोली दी थी लाल किले से, और आप जानते हैं होम्योपैथी के कहते हैं कि स्वभाव ऐसा है कि होम्योपैथी की दवाई जब शुरू करते हैं, तो शुरू के दौर में बीमारी एक दम से ज्यादा बढ़ जाती है, ये होम्योपैथी का स्वभाव है।
तो मैंने लाल किले से एक होम्योपैथी की गोली दी थी - दिमागी नक्सल। ये दिमागी नक्सल होम्योपैथी का इलाज, जैसा मैंने कहा बीमारी को कुछ समय के लिए और उभार देता है। और उसके बाद उसका इलाज शुरू करता है। इसी तरह जैसे ही मैंने दिमागी नक्सल वाली होम्योपैथी की गोली दी, सारे दिमागी नक्सल निकल-निकल के बाहर आने लगे। और जो इस बीमारी को बढ़ावा दे रहे हैं, अब जनता उनका भी असली रंग देख रही है।
पिछली सरकारों ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की हिम्मत तक नहीं दिखाई
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पीएम मोदी ने आगे कहा, मैंने इतनी सारी बातें बताईं, कुछ लोगों को लग सकता है, अरे क्या है भाई, 140 करोड़ का देश है, बहुत आसान था, मोदी ने क्या नया किया? लेकिन क्या ये वाकई इतना आसान था? मैं आपको फिर एक बार पुराने दिनों में ले जाना चाहता हूं। याद कीजिए आप जब स्कूल में पढ़ते होंगे। 2013 में केदारनाथ में आपदा आई थी। तो पूरी सरकार हिल गई थी।
उनको समझ ही नहीं आ रहा था कि, क्या किया जाए? कैसे किया जाए? 2008 में बैंकों का संकट आया था, तो तब की सरकार ने 2014 तक उस संकट के पीछे छुपने की कोशिश की थी, हाथ तक लगाने की हिम्मत नहीं की। भारत का पूरा बैंकिंग सिस्टम, तबाह होने के कगार पर पहुंचा दिया गया था। 2008 में ही मुंबई में भयंकर आतंकी हमला हुआ था, तो तब की सरकार पर बाहर से दबाव पड़ा, और उसने पाकिस्तान को सबक सिखाने की हिम्मत तक नहीं दिखाई।
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'भारत का बुरा चाहने वालों की हर हसरत धरी की धरी रह जा रही है'
पीएम मोदी ने कहा, पिछले 12 वर्षों में तो देश में कई सारी आपदाएं आईं, इतने बड़े-बड़े साइक्लोन हमने झेलें हैं, लेकिन देश ने बहुत मजबूती से उनका सामना किया। पिछले 6 वर्षों में तो बहुत बड़े संकट आए हैं। पहले कोरोना जैसी महामारी आई, जिसने पूरी दुनिया को ठप कर दिया। फिर रूस और यूक्रेन में युद्ध छिड़ गया। उसके बाद, ट्रेड को, सप्लाई चैन को ही वेपनाइज करने का दौर शुरु हो गया।
फिर वेस्ट एशिया का ये संकट आया, हर बार ये कहा गया कि अब तो भारत नहीं बचेगा और जो मेरे ज्यादा ही प्रशंसक हैं, वो ये सोचकर खुश थे कि अब तो मोदी फंसा, अब तो मोदी गिरा, अब तो उसे कुचल ही देंगे, लेकिन मेरे देश के लोगों के आशीर्वाद में इतना दम है, इतना दम है कि, भारत का बुरा चाहने वालों की हर हसरत धरी की धरी रह जा रही है।