अपडेटेड 22 February 2026 at 11:42 IST
PM मोदी ने 'मन की बात' में उस 10 महीने की बच्ची का किया जिक्र, जो जाते-जाते रौशन कर गई कई जिंदगियां, बोले- किसी एक की नेक पहल...
Mann Ki Baat: पीएम मोदी ने 'मन की बात' के 131वें एपिसोड में केरल की उस 10 महीने की बच्ची का जिक्र किया, जिसकी रोड एक्सीडेंट में हुई मौत के बाद उसके पेरेंट्स ने अंगदान का फैसला लिया। उन्होंने इस फैसले को सराहा।
- प्रधान सेवक नरेंद्र मोदी
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PM Modi Mann ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए आज (22 फरवरी) देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बीते दिनों भारत मंडपम में आयोजित ग्लोबल AI इम्पैक्ट समिट इस दिशा में एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ कि भविष्य में दुनिया AI की पावर का इस्तेमाल कैसे करेगी। 'मन की बात' के 131वें एपिसोड में पीएम मोदी ने केरल की उस 10 महीने की नन्ही बच्ची का जिक्र किया, जो जाते-जाते पांच जिंदगियां सवार गई।
केरल की आलिन का किया जिक्र
उन्होंने कहा कि कुछ ही दिन पहले हमने केरल की नन्ही मासूम आलिन शेरिन अब्राहम को खो दिया है। महज 10 महीनों में वो इस दुनिया से चली गई । कल्पना कीजिए- उसके सामने पूरी जिंदगी थी, जो अचानक खत्म हो गई। कितने ही सपने और खुशियां अधूरी रह गई। उसके पेरेंट्स जिस पीड़ा से गुजर रहे होंगे, उसे शब्दों से व्यक्त नहीं किया जा सकता है, लेकिन इतने गहरे दर्द के बीच भी आलिन के पिता अरुण अब्राहम और मां शेरिन ने एक ऐसा फैसला लिया, जिससे हर देशवासी का हृदय उनके प्रति सम्मान से भर गया है।
माता-पिता के फैसले को सराहा
पीएम मोदी ने कहा कि आलिन के माता-पिता ने बच्ची के अंगदान का फैसला किया। इस एक फैसले से पता चलता है कि उनकी सोच कितनी बड़ी है और व्यक्तित्व कितना विशाल। एक तरफ वे अपनी बच्ची को खोने के शोक में डूबे थे, तो वहीं दूसरों की मदद का भाव भी उनमें भरा था। वे चाहते थे कि किसी भी परिवार को ऐसा दिन देखना ना पड़े।
उन्होंने कहा कि आलिन शेरिन अब्राहम आज हमारे बीच नहीं है, लेकिन उसका नाम देश के कम उम्र की ऑर्गन डोनर में जुड़ गया है। इन दिनों भारत में ऑर्गन डोनेशन को लेकर जागरुकता लगातार बढ़ रही है। इससे उन लोगों की मदद हो रही है, जिन्हें इसकी जरूरत है। इसके साथ ही देश में मेडिकल को भी बल मिल रहा है। इस दिशा में कई संस्थाएं और लोग असाधारण कार्य कर रहे हैं।
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पीएम मोदी दिल्ली का एक और उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि केरल की आलिन की तरह ही ऐसे बहुत से लोग हैं जिन्होंने ऑर्गन डोनेशन के जरिए, किसी को दूसरा जीवन दिया है। जैसे दिल्ली की लक्ष्मी देवी जी हैं। उन्होंने बीते वर्ष केदारनाथ की यात्रा की। इसके लिए उन्हें 14 किलोमीटर की ट्रैकिंग करनी पड़ी। आपको ये जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने यह यात्रा हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद की। उनका हार्ट केवल 15 प्रतिशत ही काम कर रहा था। ऐसे में उन्हें एक डोनर का हार्ट मिला, जिसकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनका जीवन ही बदल गया।
प्रधानमंत्री ने ऐसे और उदाहरणों का जिक्र कर कहा कि इससे ये बात फिर साबित होती है कि किसी एक की नेक पहल, ना जाने कितने लोगों की जिंदगी बदल सकती है। मैं उन सभी लोगों की हृदय से सराहना करता हूं, जिन्होंने ऐसे नेक कार्य किए हैं।
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राजकीय सम्मान के साथ बच्ची का हुआ था अंतिम संस्कार
बता दें कि केरल के पतनम तिट्टा जिले में बीते दिनों हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने 10 महीने की मासूम बच्ची की जिंदगी छिन ली थी। आलिन को खोने से टूटे माता-पिता ने हौसला रखते हुए अपने बच्ची के अंगदान का फैसला लिया। इससे बच्चियां जाते-जाते कई जिंदगियां रौशन कर गई। उन्होंने आलिन की किडनी, लीवर और हृदय के वॉल्व को दान कर दिया गया। इससे बच्ची सबसे कम उम्र की ऑर्गन डोनर बन गई। पतनम-तिट्टा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ आलिन का अंतिम संस्कार किया गया है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 22 February 2026 at 11:42 IST