अपडेटेड 21 February 2026 at 17:15 IST

ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर, 5 सालों में हमारा द्विपक्षीय व्यापार 20 बिलियन डॉलर से ज्यादा होगा- PM मोदी

भारत और ब्राजील के बीच रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में ट्रेड डील पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई रफ्तार दे सकता है। जानें PM मोदी ने क्या कहा?

PM Modi, Brazil Prez Lula Hold Bilateral Talks: What's On Agenda
भारत-ब्राजील के बीच ट्रेड डील पर हस्ताक्षर | Image: ANI

PM Modi on India-Brazil Relations: भारत और ब्राजील के बीच रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में ट्रेड डील पर हस्ताक्षर हुए हैं। यह समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई रफ्तार दे सकता है। पीएम मोदी ने ब्राजील को लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बताया है। 

ब्राजील भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- 'ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है। हम अगले 5 सालों में बाइलेटरल ट्रेड को $20 बिलियन से आगे ले जाने के लिए कमिटेड हैं। हमारा ट्रेड सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, यह भरोसे की झलक है। प्रेसिडेंट के साथ आया बड़ा बिजनेस डेलीगेशन इसी भरोसे को दिखाता है। इंडिया-मर्कोसुर ट्रेड एग्रीमेंट का विस्तार हमारे इकोनॉमिक सहयोग को और मजबूत करेगा। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में हमारा सहयोग दोनों देशों के साथ-साथ पूरे ग्लोबल साउथ के लिए भी जरूरी है।'

टेक्नोलॉजी ऐसी हो जो सभी को साथ लेकर चले- PM मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा कि, 'मुझे खुशी है कि हम ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने पर काम कर रहे हैं। हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपर कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर और ब्लॉकचेन जैसे एरिया में भी अपने सहयोग को प्रायोरिटी दे रहे हैं। दोनों देशों का मानना है कि टेक्नोलॉजी सबको साथ लेकर चलने वाली होनी चाहिए और शेयर्ड प्रोग्रेस के लिए एक ब्रिज बननी चाहिए।' 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग सिर्फ भारत और ब्राजील के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए महत्वपूर्ण है। AI, डिजिटल टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम में साझेदारी से विकासशील देशों को भी नई दिशा मिल सकती है।

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 21 February 2026 at 17:15 IST