हाईकमान के पास पूर्व CM शिवराज के लिए क्या है? आज दिल्ली आ रहे हैं 'मामा'!
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान दिल्ली में होंगे। जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें चर्चा के लिए बुलाया है।
- विचार एवं विश्लेषण समाचार
- 3 min read

Shivraj Singh Chouhan In Delhi: शिवराज सिंह चौहान दिल्ली में होंगे। मकसद को लेकर कई तरह की अफवाहें हैं। लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी क्या उन्हें कोई अहम पद देना चाहती है या फिर ये औपचारिक मेल मुलाकात है!
खबर में आगे पढ़ें-
- अहम जिम्मेदारी या यूं ही मुलाकात
- चर्चा में उनका जमीन पर काम और बयान, तो क्या…
- मिशन 29 को लेकर क्या डिस्कस करने वाले हैं खास प्लान?
सुर्खियों में शिवराज
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज शाम को दिल्ली जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक जे पी नड्डा ने उन्हें चर्चा के लिए बुलाया है। कहा ये भी जा रहा है कि उन्हें 17 दिसंबर को दिल्ली आना था लेकिन नहीं आए। आज शाम को दिल्ली आएंगे तो जेपी नड्डा से मुलाकात तय मानी जा रही है। भोपाल से शाम को करीब 5 बजे उनके दिल्ली पहुंचने की संभावना है। शाम करीब 6 बजे बजे बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर सकते हैं ।
सरकार गठन के बाद पहली बार दिल्ली में शिवराज
प्रदेश में नए मुख्यमंत्री की ताज पोशी के बाद पहली बार शिवराज दिल्ली आ रहे हैं। चर्चा इसलिए भी जोरों पर है क्योंकि हाल ही में एक पीसी में उन्होंने कहा था कि वो दिल्ली जाकर कुछ मांगने से बेहतर मैं मरना पसंद करेंगे। वहीं सीएम न बनाए जाने के बाद वो फील्ड में ज्यादा एक्टिव भी दिख रहे हैं। मेल मिलाप का दौर भी खूब चल रहा है। आए दिन ऐसे वीडियो भी वायरल हो रहे हैं जिसमें उनके समर्थक खासकर महिलाएं मिलकर रोती दिख रही हैं।
Advertisement
मिशन 29 के लिए तो नहीं!
प्रदेश में बंपर जीत के बाद ही शिवराज सिंह छिंदवाड़ा पहुंचे थे। वहीं पर पत्रकारों से कहा था कि उनका उद्देश्य अब भाजपा के लिए प्रदेश की सभी 29 सीटें जितवाना है। एमपी से लोकसभा की कुल 29 सीटें हैं। वहीं, शिवराज सिंह ने कहा था कि बीजेपी एक मिशन है। जहां पार्टी कहेगी वहां काम करेंगे। सीके साथ ही उन्होंने कहा कि पर्यावरण और महिला हित मेरा प्रिय विषय है। मैं आजीवन पर्यावरण, महिलाओं और बाल कल्याण का काम करता रहूंगा।
चर्चा जोरों पर है कि पार्टी राजस्थान, एमपी और छ्त्तीसगढ़ में मिली प्रचंड जीत को लोकसभा सीटों में परिवर्तित होते देखना चाहती है इसलिए सोशल इंजीनियरिंग से लेकर दिग्गजों के कद का ख्याल रख आगे बढ़ रही है। इसमें दो राय नहीं है कि शिवराज लोकप्रिय नेता हैं। खुद को पूर्व सीएम से पहले मामा और भाई कहलाना पसंद करते हैं। सो उनके कद, पद और रुचि को शायद ध्यान में रख जिम्मेदारी सौंपी जाएगी ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं।