घर पर इन 3 तरीकों से बनाएं मूंग दाल स्प्राउट्स, सेहत के लिए फायदेमंद; वजन भी होता है कम
मूंग दाल स्प्राउट्स वजन घटाने का सबसे आसान और हेल्दी तरीका माना जाता है। आप भी इसे घर पर बड़े आसानी से बना सकते हैं। जानें बनाने का सही तरीका, क्योंकि इसमें कच्चापन भी होना चाहिए, फ्रूट वाला और हल्का फ्राई। बनाने में वक्त भी ज्यादा नहीं लगता, जानें आसान रेसिपी।
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Moong dal sprouts recipe: वजन घटाने और सेहत सुधारने के लिए मूंग दाल स्प्राउट्स सबसे अच्छा नाश्ता माना जाता है। क्योंकि यह प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होता है, जो पेट को देर तक भरा रखता है और कैलोरी भी कम देता है। यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। आप भी एस घर पर बना सकते हैं। अलग-अलग स्वादिष्ट तरीकों से बनाने पर इसका स्वाद और बढ़ जाता है।
स्प्राउट्स बनाने का आसान तरीका
सबसे पहले साबुत मूंग दाल को अच्छे से धो लें। फिर रातभर पानी में भिगो दें। सुबह पानी निकालकर दाल को सूती या मलमल के कपड़े में बांध लें। इसे किसी गर्म जगह पर 1-2 दिन के लिए रख दें। बीच-बीच में चेक करें और अगर सूखी लगे तो हल्का पानी स्प्रे करें। 2 दिन में ही छोटे-छोटे अंकुर निकल आएंगे। तो बस तैयार हैं आपका पौष्टिक स्प्राउट्स।
स्प्राउट्स बनाने के तीन आसान तरीके
क्लासिक वेज स्प्राउट्स: एक मुट्ठी स्प्राउट्स में बारीक कटा खीरा, टमाटर, प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया, उबला कॉर्न, चुकंदर और पनीर डालें। चाट मसाला, काला नमक और नींबू का रस मिलाकर खाएं। यह तरीका सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
फ्रूट स्प्राउट्स (मीठा ट्विस्ट): स्प्राउट्स में कटा सेब, अंगूर, अनार के दाने, चुकंदर, खीरा और पनीर मिलाएं। इसमें प्याज-टमाटर-मिर्च नहीं डालें। चाट मसाला, नींबू और थोड़ा नमक मिलाकर खाएं। यह मीठा-नमकीन स्वाद देता है और बच्चों को भी ये काफी पसंद आता है।
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लाइट फ्राई स्प्राउट्स: कड़ाही में एक चम्मच बटर या सरसों का तेल गर्म करें। इसमें प्याज, हरी मिर्च और टमाटर डालकर भूनें। स्प्राउट्स मिलाकर दस मिनट तक ढककर पकाएं। आखिर में चाट मसाला और नींबू डालें। यह गर्म गर्म खाने में बहुत टेस्टी लगता है।
वजन घटने में मदद करते हैं स्प्राउट्स
ये तीनों तरीके वजन घटाने में भी मदद करते हैं और पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं। स्प्राउट्स को बेहद पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक आहार के रूप में जाना जाता है। ये छोटे-छोटे बीज जब अंकुरित होते हैं, तो उन में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे वे एक संपूर्ण और संतुलित भोजन का हिस्सा बन जाते हैं।