कृष्णमय हुआ मथुरा-वृंदावन, भक्तों का लगा तांता... इस शुभ मुहूर्त का है इंतजार; कान्हा को इन 8 चीजों का लगाएं भोग
देशभर में आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जा रही है। मथुरा-वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम है। जानिए जन्माष्टमी के महत्व के बारे में और कान्या को किस चीज़ का भोग लगाएं?
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Shri Krishna Janmashtami 2025: आज देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। मथुरा-वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम है। इस वक्त वृंदावन में लाखों भक्त मौजूद हैं, जो भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने आए हैं। बांके बिहारी मंदिर के बाहर दर्शन करने वालों की लंबी लाइनें लगी हैं। देश-दुनिया में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा पहुंचे और जन्मस्थान मंदिर में कान्हा के दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
जन्माष्टमी का त्योहार भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में मनाया जाता है। इस दिन भक्तजन श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करते हैं और पूरे दिन व्रत रखते हैं। भगवान को 56 प्रकार के भोजन अर्पित किए जाते हैं, जिनमें माखन-मिश्री, धनिया पंजरी, पंचामृत और सूखे मेवे जैसी चीजें शामिल हैं। लेकिन अगर आप 56 भोग नहीं लगा सकते हैं तो यहां हम आपको उन 8 चीज़ों के बारे में बताएंगे जो कान्हा को पसंद है, आप उनका भोग लगा सकते हैं।
मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी की धूम
मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी की धूम देखने को मिल रही है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर ठाकुरजी को अर्पित होने वाली पोशाक को 6 महीने में मथुरा के कारीगरों ने तैयार की है। इसमें सोने-चांदी के तारों का इस्तेमाल किया गया है और कपड़े में इंद्रधनुष के 7 रंगों को रखा गया है।
जन्माष्टमी पर भगवान को अर्पित करें ये 8 खास चीजें
अगर आप भगवान को 56 प्रकार के भोग अर्पित करने में असमर्थ हैं, तो आप ये 8 चीजों के साथ कान्हा को प्रसन्न कर सकते हैं।
खीर: जन्माष्टमी पर खीर का भोग खास महत्व रखता है।
मालपुआ: भगवान कृष्ण को मालपुआ बेहद पसंद है।
केसर भात: केसर से महकते मीठे चावल भी श्रीकृष्ण को बहुत पसंद हैं।
पूरनपोली: दाल और गुड़ से बनी पूरनपोली एक मिठाई है, जो दक्षिण भारत और महाराष्ट्र में खास तौर से बनाई जाती है।
मीठे फल: भगवान कृष्ण को ताजे और मीठे फल बेहद प्रिय है।
सफेद मिठाई: दूध से बना कलाकंद या सफेद मिठाई जन्माष्टमी के भोग में खास स्थान रखती है।
माखन मिश्री: भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री अत्यंत प्रिय है।
पंचामृत: जन्माष्टमी के शुभ मुहूर्त में भगवान का जन्म कराने के बाद उन्हें पंचामृत स्नान कराया जाता है।
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जन्माष्टमी 2025 का शुभ मुहूर्त
इस साल जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का शुभ मुहूर्त 16 अगस्त को रात 12 बजकर 4 मिनट पर शुरू होकर 12 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा, जिसकी अवधि कुल 43 मिनट की रहेगी। इस साल यह भगवान कृष्ण का 5252वां जन्मदिन है।