अपडेटेड 23 February 2026 at 22:20 IST
Screen Time Danger: मोबाइल की लत से आंखों से लेकर दिमाग तक पर बुरा असर, होती है ये बीमारी, जानें छुटकारा पाने के तरीके
Screen Time Danger: मोबाइल चलाने की लत बड़ी बीमारी को बुलावा देती है। इस आदत से आंखों से लेकर दिमाग तक बुरा असर पड़ता है। इससे छुटकारा पाने के कुछ तरीके हैं, जिन्हें आप फॉलो करके अपनी हेल्प कर सकते हैं।
- लाइफस्टाइल न्यूज़
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Screen Time Danger: मोबाइल फोन आज की लाइफस्टाइल सबसे बड़ा हिस्सा बन चुका है। सुबह आंख खुलते ही फोन चेक करना और देर रात तक स्क्रीन पर स्क्रॉल करते रहना कॉमन आदत बन गई है। लेकिन जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं को बुलावा देती हैं। लगातार मोबाइल देखने से आंखों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। लंबे समय तक स्क्रीन पर नजरें टिकाए रखने से आंखों में सूखापन, जलन, पानी आना और धुंधलापन महसूस हो सकता है। कई बार आंखों की मांसपेशियां थक जाती हैं, जिससे सिरदर्द की शिकायत भी होने लगती है। समय रहते इस आदत पर कंट्रोल न किया जाए तो यह गंभीर बीमारियों की वजह भी बन सकती है।
नींद में कमी
रात में मोबाइल चलाने की वजह से स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट शरीर के स्लीप हार्मोन पर इफेक्ट पड़ता है। इससे नींद गायब हो सकती है और बार- बार नींद खुलने की दिक्कत बढ़ जाती है। धीरे-धीरे यह आदत इंसोमनिया जैसी बीमारी का रूप ले सकती है।
गर्दन और पीठ दर्द
घंटों तक एक ही पोजिशन में बैठकर फोन चलाने से गर्दन और पीठ पर दबाव बढ़ता है। इससे सर्वाइकल पेन, कंधों में जकड़न और कमर दर्द जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो क्रॉनिक दर्द का खतरा भी बढ़ जाता है।
मेंटल हेल्थ पर असर
मोबाइल की लत केवल शरीर ही नहीं, दिमाग को भी प्रभावित करती है। बार-बार नोटिफिकेशन चेक करने की आदत ध्यान भटकाती है और चिड़चिड़ापन बढ़ाती है। सोशल मीडिया की तुलना और लगातार ऑनलाइन रहने की मजबूरी तनाव और एंग्जायटी को बढ़ा सकती है।
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फोन की लत से छुटकारा पाने के आसान तरीके
- स्क्रीन टाइम को तय करें और रोजाना उसका पालन करें।
- घर में कुछ जगहों को नो-फोन जोन बना देना।
- सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल बंद कर देना।
- जरूरी नोटिफिकेशन ही ऑन रखना।
- खाली समय में किताब पढ़ना, टहलें या परिवार के साथ समय बिताना।
- फोन में ग्रेस्केल मोड का इस्तेमाल करना ताकि स्क्रीन की ब्राइटनेस कम लगे।
Published By : Kirti Soni
पब्लिश्ड 23 February 2026 at 22:20 IST