साइलेंट किलर है बढ़ा हुआ Cholesterol, इन लक्षणों को पहचानें और आज ही जांच करवाएं
High Cholesterol Symptoms: बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को 'साइलेंट किलर' यूं ही नहीं कहा जाता; यह शरीर के भीतर बिना किसी शोर के पनपता है और तब सामने आता है जब स्थिति गंभीर हो जाती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियंत्रित खान-पान ने इस समस्या को घर-घर तक पहुंचा दिया है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
- लाइफस्टाइल न्यूज़
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High Cholesterol Symptoms: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, बिगड़ता खान-पान और शारीरिक सक्रियता में कमी ने हमें कई बीमारियों के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। इनमें से सबसे खतरनाक है 'बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल'। इसे अक्सर 'साइलेंट किलर' कहा जाता है क्योंकि यह शरीर के भीतर चुपचाप पनपता है और तब तक कोई गंभीर संकेत नहीं देता जब तक कि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो जाए। आइए विस्तार से जानते हैं।
क्या है कोलेस्ट्रॉल और यह खतरनाक क्यों है?
कोलेस्ट्रॉल हमारे खून में पाया जाने वाला एक मोम जैसा पदार्थ है, जो cell membrane के निर्माण और होर्मोन के उत्पादन के लिए जरूरी होता है। लेकिन जब खून में 'एलडीएल' (LDL) यानी खराब कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह धमनियों की दीवारों पर जमने लगता है। इससे धमनियां संकरी हो जाती हैं और रक्त का प्रवाह बाधित होता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
इन 5 लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज
अगर बिना किसी भारी काम के भी आपको सीने में हल्का दबाव या जकड़न महसूस होती है, तो यह धमनियों में ब्लॉकेज का संकेत हो सकता है।
सीढ़ियां चढ़ते समय या थोड़ा चलने पर ही अगर आपकी सांस फूलने लगती है, तो इसका मतलब है कि हृदय को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ रही है।
जब अंगों तक रक्त का संचार ठीक से नहीं होता, तो हाथ-पैरों में झनझनाहट या बार-बार सुन्न होने की समस्या होने लगती है।
बिना किसी विशेष कारण के कमजोरी महसूस होना और सामान्य तापमान में भी जरूरत से ज्यादा पसीना आना हाई कोलेस्ट्रॉल का लक्षण हो सकता है।
आंखों के पास पीले चकत्ते: चिकित्सा विज्ञान में इसे 'जेंथिलाज्मा' कहते हैं। आंखों के कोनों या पलकों पर हल्के पीले रंग के दाने जमा होना सीधे तौर पर बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल की ओर इशारा करता है।
कॉलेस्ट्रॉल के इस तरह करें नियंत्रित
रिफाइंड तेल, डालडा और बाहर के तले-भुने खाने से दूर रहें। ओट्स, हरी सब्जियां, दालें और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर मेवे को अपनी डाइट में शामिल करें।
दिन में कम से कम 30 मिनट की तेज सैर या योग आपके 'गुड कोलेस्ट्रॉल' को बढ़ाने में मदद करता है।
मोटापा कोलेस्ट्रॉल का सबसे बड़ा साथी है। अपने बॉडी मास इंडेक्स को संतुलित रखने की कोशिश करें।
30 की उम्र पार करते ही हर 6 महीने या एक साल में 'लिपिड प्रोफाइल टेस्ट' जरूर करवाएं।
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Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधियां, तरीके और दावे अलग-अलग जानकारियों पर आधारित हैं। REPUBLIC BHARAT आर्टिकल में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं करता है। किसी भी उपचार और सुझाव को अप्लाई करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।