Health tips: आटा गूथते समय मिला दें ये 5 चीजें, रोटी बन जाएगी दवा, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल समेत इन बीमारियों की होगी छुट्टी
Health tips: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़े खान-पान के कारण बीमारियां शरीर को जल्दी घेर लेती हैं। ऐसे में खुद को तंदुरुस्त रखने के लिए हमें अपने दैनिक आहार में बदलाव करने की सख्त जरूरत है। हमारा मुख्य भोजन 'रोटी' है, और अगर हम रोज के सादे गेहूं के आटे को थोड़ा और न्यूट्रिशियस बना दें, तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
- लाइफस्टाइल न्यूज़
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Health tips: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़ते लाइफस्टाइल के कारण लोग कम उम्र में ही कई बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। कभी डायबिटीज, कभी हाई ब्लड प्रेशर, तो कभी पेट से जुड़ी समस्याएं हमें घेरे रहती हैं। अक्सर हम बीमारियों से बचने के लिए महंगे सप्लीमेंट्स या दवाओं का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सेहत का सबसे बड़ा राज आपकी रसोई में, खासकर आपकी रोजाना की रोटी में छिपा है?
हम रोज गेहूं के आटे की रोटी खाते हैं। गेहूं सेहतमंद है, लेकिन सिर्फ गेहूं का आटा हमारी बॉडी को सभी सभी जरूरी न्यूट्रिएंट्स नहीं दे पाता। अगर आप अपने रोज के साधारण आटे में कुछ खास और पौष्टिक चीजें मिलाना शुरू कर दें, तो यह एक 'सुपरफूड' बन जाएगा। आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में, जिन्हें आटे में मिलाकर आप डॉक्टर के खर्चों से हमेशा के लिए बच सकते हैं।
चने का आटा
गेहूं के आटे में चने का आटा मिलाना सबसे पुराना और असरदार नुस्खा है। चने का आटा प्रोटीन, फाइबर और आयरन से भरपूर होता है। यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है, जिससे यह डायबिटीज के मरीजों के लिए अमृत समान है। साथ ही, यह आपको लंबे समय तक भरा हुआ रखता है, जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है। आप 4 किलो गेहूं के आटे में 1 किलो चने का आटा मिलाएं।
रागी का आटा
रागी को कैल्शियम का पावरहाउस कहा जाता है। बढ़ती उम्र के बच्चों और महिलाओं के लिए रागी बेहद जरूरी है। रागी में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और थियामिन होता है, जो हड्डियों को लोहे जैसा मजबूत बनाता है। अगर आपको अक्सर जोड़ों या घुटनों में दर्द रहता है, तो रागी वाला आटा आपकी इस समस्या को जड़ से खत्म कर सकता है। यह एनीमिया (खून की कमी) को भी दूर करता है।
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ओट्स का पाउडर
हार्ट को हेल्दी रखने और बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए ओट्स का कोई मुकाबला नहीं है। ओट्स में 'बीटा-ग्लूकन' नाम का सॉल्युबल फाइबर होता है, जो नसों में जमे कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालता है। इसके नियमित सेवन से दिल की बीमारियों का खतरा काफी कम हो जाता है और डाइजेशन भी दुरुस्त रहता है।
सोयाबीन का आटा
अगर आप थकान और कमजोरी महसूस करते हैं, तो आपके शरीर को प्रोटीन की जरूरत है। इसके लिए आटे में सोयाबीन मिक्स करना सबसे अच्छा ऑप्शन है। सोयाबीन में हाई-क्वालिटी प्रोटीन, ओमेगा-3 फैटी एसिड और मिनरल्स होते हैं। यह मसल्स को मजबूत बनाता है और शरीर की इम्यूनिटी को बूस्ट करता है, जिससे मौसमी बीमारियां आपके आस-पास भी नहीं फटकतीं हैं।
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अलसी के बीज का पाउडर
अलसी के छोटे-छोटे बीज न्यूट्रिशन का खजाना हैं। इन्हें हल्का भूनकर पीस लें और आटे में मिला दें। अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह त्वचा में चमक लाता है, बालों का झड़ना रोकता है और शरीर में होने वाली अंदरूनी सूजन को कम करता है।