Health Tips: गर्मी में हीट स्ट्रोक हो सकता है जानलेवा! इन आसान तरीकों से बॉडी को रखें कूल, जानें इमरजेंसी में क्या करें?
बढ़ती गर्मी में हीट स्ट्रोक का खतरा और भी बढ़ जाता है। जानें इसके शुरुआती लक्षण क्यो होते हैं जिन्हें पहचानना जरूरी है, ताकि वक्त रहते बचाव किया जा सके। पढ़ें हीट स्ट्रोक होने पर तुरंत क्या करें? पढ़ें
- लाइफस्टाइल न्यूज़
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Heat stroke: इन दिनों देश के ज्यादातर हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है। कई राज्यों में अधिकतम तापमान 46 डिग्री के पार तक पहुंच गया है। ऐसी स्थिति में 'हीट स्ट्रोक' (लू लगना) का जोखिम काफी बढ़ जाता है। यह सिर्फ थकान नहीं, बल्कि एक मेडिकल इमरजेंसी है जिसे नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है।
क्या है हीट स्ट्रोक और यह क्यों खतरनाक है?
हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान 104°F (40°C) से ऊपर चला जाता है और शरीर का कूलिंग सिस्टम (थर्मोरेगुलेशन) काम करना बंद कर देता है। लंबे समय तक सीधी धूप या गर्म वातावरण में रहने से शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, जिससे ब्रेन, हार्ट और किडनी जैसे वाइटल ऑर्गन्स डैमेज हो सकते हैं।
हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेत
हीट स्ट्रोक होने से पहले शरीर कुछ संकेत देता है, जिन्हें समय पर पहचानना जरूरी है। जैसे बहुत ज्यादा प्यास लगना, तेज सिरदर्द, चक्कर आना और अत्यधिक पसीना आना। इसके साथ ही इसके कुछ गंभीर संकेत भी होते है जिन्हें इग्नोर नहीं करना चाहिए। जैसे पसीना आना बंद हो जाना, स्किन का गर्म और लाल होना, बेहोशी, भ्रम (Confusion) की स्थिति और तेज धड़कन बढ़ जाना आदि।
बचाव के लिए क्या सावधानियां अपनाएं?
- तेज गर्मी से बचने के लिए जीवनशैली में इन बदलावों को शामिल करना बेहद जरूरी है।
- दिनभर पर्याप्त पानी पिएं। इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी पूरी करने के लिए समय-समय पर नींबू पानी या ORS का सेवन करें।
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
- सही कपड़ों का चुनाव करें, हल्के रंग के, सूती और ढीले कपड़े पहनें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे।
- ज्यादा देर धूप में रहने से बचें, बाहर निकलते वक्त टोपी, छाता और सनग्लास का इस्तेमाल करें।
- खान-पान भी अच्छा रखना जरूरी है। जैसे- शराब, अत्यधिक कैफीन और ऑयली फूड से परहेज करें।
इमरजेंसी में क्या करें?
अगर किसी को हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखें, तो सबसे पहले उन्हें किसी ठंडी या छायादार जगह पर लिटाएं। उनके कपड़े ढीले करें और गीले कपड़े या ठंडे पानी की पट्टियों से शरीर के तापमान को धीरे-धीरे कम करें। अगर व्यक्ति बेहोश है या हालत गंभीर है, तो उसे तुरंत बिना देरी किए अस्पताल ले जाएं। याद रखें, स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवा न दें। बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें।