Cow Vs Buffalo Milk: गाय या भैंस... आपके बच्चे की सेहत के लिए कौन सा दूध है असली 'सुपरफूड'? जानें सेवन का सही तरीका
Best Milk For Kids: गाय और भैंस, दोनों के दूध के अलग-अलग फायदे होते हैं। ऐसे में छोटे बच्चों के लिए कौन सा दूध बेस्ट है। यह जानना भी उतना ही जरूरी होता है।
- लाइफस्टाइल न्यूज़
- 4 min read

Cow Milk Vs Buffalo Milk Health Benefits: हर माता-पिता अपने बच्चे के संपूर्ण विकास और सेहत को लेकर फिक्रमंद रहते हैं। जब बात बच्चों के पोषण की आती है, तो आहार में 'दूध' सबसे जरूरी माना जाता है। लेकिन अक्सर घरों में यह बहस छिड़ जाती है कि बच्चे के लिए गाय का दूध ज्यादा फायदेमंद है या भैंस का? तो चलिए जानते कि आपके बच्चे की शारीरिक और मानसिक ग्रोथ के लिए असली 'सुपरफूड' कौन सा है।
गाय के दूध के फायदे
गाय का दूध पीढ़ियों से बच्चों के लिए पहली पसंद रहा है। इसके कई खास कारण हैं।
- गाय का दूध काफी हल्का होता है। बच्चों का नन्हा और संवेदनशील पाचन तंत्र इसे बिना किसी परेशानी के आसानी से पचा लेता है, जिससे गैस या कब्ज की समस्या नहीं होती।
- इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन-बी बच्चों के दिमाग को तेज करने और उनकी याददाश्त बढ़ाने में बेहद कारगर हैं।
- गाय के दूध में पानी की मात्रा अधिक होती है, जो बच्चे के शरीर को ऊर्जावान और हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है।
भैंस के दूध के फायदे
भैंस का दूध अपने गाढ़ेपन और उच्च पोषक तत्वों के लिए जाना जाता है।
- भैंस के दूध में गाय के दूध की तुलना में कैल्शियम, फास्फोरस और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, जो बच्चों की हड्डियों के तेजी से विकास के लिए जरूरी है।
- अगर आपका बच्चा उम्र के हिसाब से दुबला-पतला है, तो भैंस का दूध एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें मौजूद फैट और कैलोरी बच्चों का स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने में मदद करती है।
- भैंस का दूध पचने में समय लेता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखता है। रात को इसे पीने से बच्चों को गहरी नींद आती है।
बच्चे के लिए असली 'सुपरफूड' कौन सा है?
सच तो यह है कि दोनों ही दूध अपने-अपने गुणों के कारण 'सुपरफूड' हैं। सही चुनाव पूरी तरह से आपके बच्चे की उम्र और उसकी शारीरिक जरूरत पर निर्भर करता है।
Advertisement
- 1 साल से कम उम्र: इस उम्र में बच्चों को न गाय का दूध देना चाहिए और न ही भैंस का। उनके लिए सिर्फ मां का दूध या फॉर्मूला मिल्क ही सुरक्षित है।
- 1 से 2 साल के बच्चे: बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, 1 साल की उम्र के बाद जब आप बच्चे को बाहरी दूध देना शुरू करें, तो शुरुआत गाय के दूध से करनी चाहिए क्योंकि उनका पाचन तंत्र अभी भी विकसित हो रहा होता है।
- 2 साल से बड़े बच्चे: अगर बच्चे की पाचन शक्ति अच्छी है और आप उसका वजन या शरीरिक बल बढ़ाना चाहते हैं, तो आप उसे भैंस का दूध दे सकते हैं। शुरुआत में आप इसमें थोड़ा सा पानी मिला सकते हैं ताकि बच्चे को इसकी आदत आसानी से पड़ जाए।
बच्चों को दूध पिलाने का सही तरीका
दूध चाहे कोई भी हो, अगर उसे सही तरीके से न पिलाया जाए, तो उसका पूरा फायदा शरीर को नहीं मिलता।
- कच्चा या आधा उबला दूध कभी न दें। दूध को हमेशा अच्छी तरह उबाल कर और गुनगुना करके ही पिलाएं।
- दूध में प्राकृतिक मिठास होती है। इसलिए ऊपर से बहुत ज्यादा चीनी या आर्टिफिशियल चॉकलेट पाउडर मिलाने से बचें।
- बच्चों को खाना खाने के तुरंत बाद दूध न दें। दूध में मौजूद कैल्शियम खाने के आयरन को शरीर में एब्जॉर्ब होने से रोकता है। भोजन और दूध के बीच कम से कम 1 से 2 घंटे का गैप जरूर रखें।
- दूध जरूरी है, लेकिन अमृत समझकर बहुत ज्यादा न पिलाएं। दिन भर में 2 गिलास लगभग 400-500 ml दूध काफी है। ज्यादा दूध पीने से बच्चे की भूख मर सकती है और वह दाल, सब्जी या रोटी जैसे ठोस आहार खाने से कतराने लगेगा।
हर बच्चे का शरीर अलग होता है। अगर दूध पीने के बाद बच्चे के पेट में दर्द, उल्टी या दस्त की शिकायत हो, तो यह लैक्टोज इनटॉलरेंस का संकेत हो सकता है। ऐसे में डाइट में किसी भी बड़े बदलाव से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
Advertisement
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधियां, तरीके और दावे अलग-अलग जानकारियों पर आधारित हैं। REPUBLIC BHARAT आर्टिकल में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं करता है। किसी भी उपचार और सुझाव को अप्लाई करने से पहले डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।