अपडेटेड 5 March 2026 at 19:02 IST
Dhai vs Chaas: दही या छाछ... गर्मियों में सेहत के लिए कौन है बेहतर विकल्प? जानिए खाने के फायदे
दही या छाछ? जाने हेल्थ के लिए दोनों में से कौन ज्यादा फायदेमंद है। अगर आपको एसिडिटी और कब्ज या ब्लोटिंग में से कोई समस्या होती है तो आप पढ़ें कि दही और छाछ में से आपके लिए क्या बेहतर है?
- लाइफस्टाइल न्यूज़
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Dahi vs Chaas gut health: भारतीय घरों में दही और छाछ रोज पी जाती है। ये दोनों दूध से बने प्रोडक्ट्स प्रोबायोटिक्स से भरपूर होते हैं, जो आंतों की सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। लेकिन डाइजेशन, एसिडिटी, ब्लोटिंग या कब्ज जैसी समस्याओं में कौन ज्यादा ज्यादा बेहतर और असरदार है इसको लेकर खास जानकारी सामने आई है।
वैसे तो दही और छाछ दोनों ही सेहत के लिए अच्छे होते हैं, वहीं दोनों के फायदे भी अलग-अलग होते हैं। आयुर्वेद और मॉडर्न न्यूट्रिशन के हिसाब से दही और छाछ को ध्यान में रखा जाए तो, दही और छाछ अलग-अलग फायदे देती है। कुल मिलाकर दही और छाछ की तुलना की जाए तो, दोनों के अपने फायदे हैं।
दही के फायदे
दही दूध को बैक्टीरिया से फर्मेंट करके बनती है। इसमें ज्यादा लाइव प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो गट माइक्रोबायोम को बैलेंस करते हैं। यह प्रोटीन, कैल्शियम से भरपूर होती है। हल्की कब्ज में या एंटीबायोटिक्स के बाद रिकवरी में भी दही काफी मदद करती है। लेकिन कुछ लोगों को गाढ़ी दही भारी लग सकता है, खासकर रात के वक्त सेवन करने में दही भारी लग सकती है।
छाछ के फायदे
छाछ दही को पानी में घोलकर, फेंटकर बनाई जाती है। इसमें फैट कम, पानी ज्यादा होता है, जो बॉडी को हाइड्रेट रखता है। जीरा, अदरक या पुदीना डालने से गैस और ब्लोटिंग कम होती है। यह हल्की और आसानी से पचने वाली होती है, गर्मियों में ठंडक देती है। आयुर्वेद में छाछ को सभी बॉडी टाइप्स के लिए सूटेबल माना जाता है।
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एसिडिटी और ब्लोटिंग में क्या लें?
एसिडिटी या पेट फूलने की समस्या में छाछ बेहतर ऑप्शन है। इसकी हल्की प्रकृति पेट पर बोझ नहीं डालती और मसाले गैस कम करते हैं। दही कुछ लोगों में भारी पड़ सकता है।
लूज मोशन या कब्ज में क्या फायदेमंद?
लूज मोशन में सादी दही ज्यादा फायदेमंद है, क्योंकि यह गुड बैक्टीरिया बढ़ाती है। डॉक्टर भी अक्सर दही-चावल खाने की सलाह देते हैं। वहीं, कब्ज में दोनों मदद करते हैं, लेकिन हाइड्रेशन के लिए छाछ ज्यादा बेहतर।
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कौन ज्यादा बेहतर?
ज्यादा प्रोबायोटिक्स और प्रोटीन के लिए दही को चुना जाता है, लेकिन हल्की डाइजेशन, एसिडिटी या गर्म मौसम में छाछ को बेहतर ऑप्शन माना जाता है। लेकिन कोशिश करें कि हमेशा ताजा ही दही और छाछ लें और बासी से बचें। ये पारंपरिक भारतीय फूड्स गट हेल्थ को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, साथ ही गर्मियों के दिनों में आप रोज दही और छाछ का सेवन कर सकते हैं।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 5 March 2026 at 19:02 IST