अंडा पहले आया या मुर्गी? वैज्ञानिकों को मिला जवाब, जानिए क्या कहता है धर्म और दर्शनशास्त्र
मुर्गी पहले आई या अंडा? वैज्ञानिकों ने इस बहस का पुख्ता जवाब खोज निकाला है। जानिए विज्ञान, धर्म और दर्शन का भी नजरिया।
- लाइफस्टाइल न्यूज़
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Chicken egg evolution: 'पहले अंडा आया या मुर्गी?' यह सवाल सिर्फ एक मजेदार पहेली नहीं है, बल्कि जीवन की उत्पत्ति और विकास को समझने की दिशा में एक गंभीर बहस भी है। अब वैज्ञानिकों ने इस सवाल का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से स्पष्ट जवाब दे दिया है, जिससे यह युगों पुरानी जिज्ञासा एक नई दिशा में जा पहुंची है।
विज्ञान के मुताबिक, बताया गया कि 'पहले अंडा आया' विकासवादी सिद्धांत (Evolution Theory) के तहत वैज्ञानिकों का मानना है कि धरती पर आज जो जीव हैं, वे लाखों सालों के जेनेटिक बदलावों (DNA mutations) के परिणाम हैं। एक ऐसा पक्षी जो पूरी तरह से मुर्गी नहीं था, उसने एक अंडा दिया। उस अंडे में जेनेटिक परिवर्तन हुए, जिससे पहली असली मुर्गी जन्मी। इसलिए, मुर्गी से थोड़ा पहले आया पक्षी असल में उस मुर्गी का पूर्वज था जिसने पहला अंडा दिया।
दर्शनशास्त्र के अनुसार- यह एक अनंत चक्र है
वहीं, दर्शनशास्त्र के अनुसार, यह सवाल जवाब से ज्यादा विचार का माध्यम है। जैसे बीज से पेड़ और पेड़ से बीज, यह एक चक्र है, जिसकी कोई एक शुरुआत नहीं होती। यह सवाल जीवन की अनिश्चित शुरुआत और निरंतरता को दर्शाता है। इसलिए, दार्शनिक इसे अनंत जीवनचक्र के प्रतीक के रूप में देखते हैं।
धार्मिक दृष्टिकोण से देखे तो पहले मुर्गी आई
साथ ही कई धार्मिक मान्यताओं में जैसे कि हिंदू धर्म, यह विश्वास है कि भगवान ने सभी जीवों को पूर्ण रूप में रचा। यानी भगवान ने पहले मुर्गी को बनाया, जिससे अंडा आया। भारत की पौराणिक कथाओं में भी जीवों की रचना ईश्वर के द्वारा पूरी अवस्था में मानी जाती है।
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सोच पर निर्भर जवाब
इस सवाल का कोई एकमात्र 'सही' उत्तर नहीं है, यह इस पर निर्भर करता है कि आप किस नजरिए से सोचते हैं। जैसे विज्ञान कहता है कि अंडा पहले आया, धर्म कहता है मुर्गी पहले आई और दर्शन कहता है कि यह एक अनंत चक्र है।