Parenting Tips: सुबह उठते ही आपका 2 साल का बच्चा भी देखने लगता है रील? जान लीजिए मोबाइल की लत छुड़ाने की ये 5 आसान टिप्स वरना...
Parenting Tips: आज- कल बच्चों को मोबाइल चलाने की लत इतनी ज्यादा लगी हुई है कि हर काम में उन्हें फोन साथ में चाहिए ही होता है। यहां कुछ आसान टिप्स हैं, जिससे आप अपने बच्चों का डेली रूटीन बनाकर उनके स्क्रीन टाइम को कम कर सकते हैं वरना लग जाएगा मोटा चश्मा।
- लाइफस्टाइल न्यूज़
- 3 min read

Parenting Tips: आज के समय में बच्चों का स्क्रीन की आदत एक बड़ी चुनौती बन गई है। माता-पिता अक्सर इस बात से परेशान रहते हैं कि वे अपने बच्चों को मोबाइल की लत से कैसे बचाएं। फोन छीनने से बच्चे चिड़चिड़े हो सकते हैं और जिद कर सकते हैं, इसलिए यह जरूरी है कि आप उन्हें प्यार और समझदारी से ऑप्शन दे दें। बच्चों के रूटीन को बदलने से और उनके साथ कुछ क्रिएटिव एक्टिविटीज करने से आप उनका स्क्रीन टाइम कम कर सकते हैं।
घर में मोबाइल-फ्री जोन बनाएं
बच्चों के लिए एक अनुशासन भरा माहौल तैयार करना सबसे पहला कदम होता है। आप अपने घर में कुछ खास जगह या समय को मोबाइल-फ्री जोन ही पूरी तरह से बना दें। जैसे, परिवार के साथ खाना खाते समय डाइनिंग टेबल पर फोन का इस्तेमाल पूरी तरह से वर्जित रखें। इसी तरह, बेडरूम को भी मोबाइल-फ्री रखें और रात को सोते समय बच्चों के कमरे में फोन को बिल्कुल न ले जाने दें।
बच्चों के लिए नए और क्रिएटिव ऑप्शन
बच्चे अक्सर बोरियत के कारण फोन उठाते हैं, इसलिए उन्हें बेहतर विकल्प देना जरूरी है। उन्हें आउटडोर गेम्स जैसे क्रिकेट, फुटबॉल या साइकिलिंग की ओर ले जाएं। अगर बच्चे घर के अंदर रहना पसंद करते हैं, तो उन्हें उनके इंटरेस्ट के अनुसार डांस, पेंटिंग या म्यूजिक क्लास में डाल सकते हैं। इसके अलावा, उन्हें रंग-बिरंगी कॉमिक्स या दिलचस्प कहानियों की किताबें पढ़ने के लिए दें।
खुद को बनाएं बच्चों का एक्साम्प्ल
बच्चे अपने माता-पिता के व्यवहार का अनुकरण करते हैं। यदि आप घर पर बच्चों के सामने लगातार फोन पर बिजी रहेंगे, तो उन्हें रोकना बहुत मुश्किल हो जाएगा। कोशिश करें कि जब आप बच्चों के साथ हों, तो फोन एक तरफ रख दें। उनके साथ बात करें, उनके साथ खेलें और अपना पूरा समय उन्हें दें। जब बच्चे आपको फोन से दूर देखेंगे, तो वे खुद-ब-खुद मोबाइल की ओर उनका कम ध्यान जाएगा।
Advertisement
स्क्रीन टाइम को कंट्रोल करें
टेक्नोलॉजी को पूरी तरह नजरअंदाज करना भी संभव नहीं है, लेकिन इसे सीमित जरूर किया जा सकता है। दो साल तक के बच्चों को स्क्रीन से बिल्कुल दूर रखें। तीन से पांच साल तक के बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम दिन में ज्यादा से ज्यादा आधा घंटा तय करें। अगर आप उन्हें फोन देते भी हैं, तो पैरेंटल कंट्रोल जैसे एप्स का उपयोग करें ताकि बच्चा केवल सेफ और नॉलेज वाला कंटेंट ही देखे।
प्यार और समझदारी से बदलें आदतें
अचानक हाथ से फोन छीनने से बच्चा रो सकता है या गुस्सा हो सकता है। इसे बदलने का सबसे अच्छा तरीका है उन्हें दूसरी एक्टिविटीज के लिए प्यार से मनाएं। जैसे, फोन छीनने के बजाय उनसे कहें कि चलो हम मिलकर ड्राइंग करते हैं या कैरम खेलते हैं। जब आप उन्हें प्यार से किसी क्रिएटिव काम में शामिल करेंगे, तो धीरे-धीरे उनका मन फोन से हटकर खेल और दूसरी गतिविधियों में लगने लगेगा।