अपडेटेड 23 March 2026 at 20:07 IST

प्रदेश का 4.38 लाख करोड़ का बजट बढ़ाएगा आर्थिक विकास की गति

मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था तीव्र गति से बढ़ रही है। अनुमान है कि वर्ष 2026-27 तक राज्य की जीएसडीपी (GSDP) बढ़कर 18.48 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 4.38 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जिसमें विकास, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है।

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CM Mohan Yadav
CM Mohan Yadav | Image: ANI

मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश एक नए आर्थिक युग की ओर अग्रसर है। सरकार के अथक प्रयासों और दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है कि राज्य की अर्थव्यवस्था (GSDP) वर्ष 2026-27 तक 18.48 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े को छूने के लिए तैयार है। पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) में यह 16.48 लाख करोड़ रुपये थी, जो राज्य की निरंतर विकास दर को दर्शाती है।

संतुलित बजट और बुनियादी ढांचे पर जोर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इस बजट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि विकास और सामाजिक सुरक्षा के बीच सटीक संतुलन बिठाया गया है। अनुमान है कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक राज्य 44 करोड़ रुपये के राजस्व आधिक्य (Revenue Surplus) की स्थिति में होगा, जो स्वस्थ वित्तीय प्रबंधन का प्रमाण है।

अधोसंरचना (Infrastructure) को गति देने के लिए सरकार ने 80,266 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया है, जो कुल GSDP का 4.80% है। यह निवेश न केवल शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों के लिए नए द्वार भी खोलेगा।

विभागों के बजट में भारी बढ़ोतरी

राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए प्रमुख विभागों के आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है:
ग्रामीण विकास: 37% की वृद्धि
राजस्व विभाग: 43% की वृद्धि
महिला एवं बाल विकास: 26% की वृद्धि
नगरीय विकास: 16% की वृद्धि
स्कूल शिक्षा: 11% की वृद्धि

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अन्नदाता की समृद्धि और कृषि आधुनिकीकरण

मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ 'कृषि' को सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के लिए 88,910 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यदि अन्य संसाधनों को भी जोड़ लिया जाए, तो यह राशि लगभग 1.15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। यह भारी निवेश किसानों की आय दोगुनी करने और खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा

नारी शक्ति को संबल देने के लिए 'लाड़ली बहना योजना' हेतु 23,800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 23,747 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। अनुसूचित जाति (17%) और जनजाति (26%) वर्गों के उत्थान के लिए कुल 1,83,708 करोड़ रुपये का विशाल प्रावधान किया गया है, जो 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प को पूरा करता है।

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भविष्य की नई योजनाएं

राज्य सरकार ने दीर्घकालिक विकास के लिए कई नई योजनाओं का शिलान्यास किया है:
द्वारका योजना: अगले तीन वर्षों में 5,000 करोड़ रुपये का निवेश।
स्वामित्व योजना: 3,800 करोड़ रुपये का प्रावधान।
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना: पशुपालन को बढ़ावा देने हेतु 700 करोड़ रुपये।
सिंहस्थ तैयारी: आगामी सिंहस्थ के लिए 3,000 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि।

Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 23 March 2026 at 20:07 IST