अपडेटेड 14 January 2026 at 22:56 IST
व्रत के दौरान क्या सेवन करें: स्वामी रामदेव द्वारा बताए गए सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प
भारतीय परंपरा में व्रत को केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि शरीर और मन को संतुलित रखने का एक प्रभावी माध्यम माना गया है। व्रत के दौरान सही आहार का चयन बेहद ज़रूरी होता है। योगगुरु स्वामी रामदेव ने हाल ही में अपने एक वीडियो के माध्यम से बताया कि व्रत के समय किन आयुर्वेदिक चीज़ों का सेवन शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकता है।
- इनिशिएटिव
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व्रत भारतीय संस्कृति में केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि शरीर और मन की शुद्धि का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी रहा है। व्रत के दौरान शरीर को हल्का, ऊर्जावान और संतुलित बनाए रखना अत्यंत आवश्यक होता है। इसी विषय पर योगगुरु स्वामी रामदेव ने अपने एक हालिया वीडियो में बताया है कि वे स्वयं व्रत के दौरान किन-किन चीज़ों का सेवन करते हैं और किन आयुर्वेदिक विकल्पों को उपयुक्त मानते हैं।
व्रत के समय सही आहार क्यों ज़रूरी है
स्वामी रामदेव के अनुसार, व्रत केवल भोजन त्यागने का नाम नहीं है, बल्कि यह शरीर के आंतरिक तंत्र को संतुलित करने की प्रक्रिया है। व्रत के दौरान गलत चीज़ों का सेवन करने से कमजोरी, चक्कर, सिरदर्द या पाचन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।
व्रत के दौरान ऐसा आहार होना चाहिए जो:
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- शरीर को ऊर्जा प्रदान करे
- पचाने में हल्का हो
- रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए
- शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाए
- व्रत की भावना के अनुरूप हो
1. च्यवनप्राश – आयुर्वेदिक शक्ति का स्रोत
स्वामी रामदेव व्रत के दौरान पातंजलि च्यवनप्राश के सेवन की सलाह देते हैं। यह एक प्राचीन आयुर्वेदिक औषधि है, जो शरीर को भीतर से मज़बूती प्रदान करती है।
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व्रत में च्यवनप्राश के लाभ:
✔ रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है
✔ शरीर को ऊर्जा देता है
✔ एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर
✔ पाचन को संतुलित रखता है
✔ वात दोष को नियंत्रित करता है
व्रत से पहले या व्रत के दौरान सीमित मात्रा में च्यवनप्राश का सेवन शरीर को पोषण देता है, बिना व्रत को भंग किए।
2. कोलेजन प्राश – त्वचा और ऊतकों के लिए पोषण
स्वामी रामदेव ने पातंजलि कोलेजन प्राश का भी उल्लेख किया है। यह उत्पाद व्रत के दौरान शरीर की आंतरिक मजबूती बनाए रखने में सहायक होता है।
कोलेजन प्राश के फायदे:
✔ त्वचा और जोड़ों को पोषण देता है
✔ ऊतकों की मरम्मत में सहायक
✔ शरीर को आवश्यक अमीनो एसिड प्रदान करता है
✔ पचाने में हल्का और सुरक्षित
आयुर्वेदिक तत्वों से युक्त यह प्राश व्रत के दौरान शरीर को कमज़ोर नहीं पड़ने देता।
3. बादाम पाक – प्राकृतिक ऊर्जा का स्रोत
बादाम पाक एक पारंपरिक आयुर्वेदिक उत्पाद है, जो बादाम और औषधीय जड़ी-बूटियों से बनाया जाता है। स्वामी रामदेव इसे व्रत के लिए उपयुक्त मानते हैं।
बादाम पाक के लाभ:
✔ तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है
✔ प्रोटीन और स्वस्थ वसा से भरपूर
✔ शरीर में गर्माहट बनाए रखता है
✔ तंत्रिका और हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी
✔ आसानी से पचने योग्य
लंबे समय के व्रत या ठंड के मौसम में यह शरीर को मज़बूती देता है।
4. गुनगुने हर्बल पेय और काढ़ा
स्वामी रामदेव व्रत के दौरान गुनगुना पानी, हर्बल चाय या आयुर्वेदिक काढ़े के सेवन की भी सलाह देते हैं।
जैसे:
- अदरक-तुलसी की चाय
- जीरा-धनिया-काली मिर्च का काढ़ा
- साधारण गुनगुना पानी
ये पेय:
✔ शरीर को हाइड्रेट रखते हैं
✔ भूख को नियंत्रित करते हैं
✔ पाचन तंत्र को सक्रिय रखते हैं
✔ शरीर को डिटॉक्स करते हैं
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व्रत के दौरान स्वामी रामदेव की महत्वपूर्ण सलाह
- ठंडे पेय पदार्थों से बचें
- मीठे और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ न लें
- हल्के योगासन और प्राणायाम करें
- व्रत के बाद अधिक भोजन न करें
- शरीर के संकेतों को समझें
इन नियमों से व्रत अधिक लाभकारी बनता है।
सही तरीके से करें व्रत
स्वामी रामदेव के अनुसार, व्रत का उद्देश्य शरीर को कमज़ोर करना नहीं, बल्कि उसे स्वस्थ और संतुलित बनाना है। च्यवनप्राश, कोलेजन प्राश, बादाम पाक और हर्बल पेय जैसे आयुर्वेदिक विकल्प व्रत के दौरान शरीर को पोषण देते हैं और ऊर्जा बनाए रखते हैं।
ये सभी उत्पाद:
✅ आयुर्वेदिक परंपरा पर आधारित हैं
✅ शरीर को बिना भारीपन के पोषण देते हैं
✅ रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत करते हैं
✅ व्रत की भावना के अनुरूप है
Published By : Kirti Soni
पब्लिश्ड 14 January 2026 at 22:56 IST