बिहार के विकास में लगे राज्य का पैसा... विकास आयुक्त ने बैंकों को दिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश

विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में बैंकों को निर्देश दिया गया कि वे बिहार के पैसे का निवेश राज्य के विकास में करने के लिए मिशन मोड में काम करें।

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बिहार के विकास में लगे राज्य का पैसा: विकास आयुक्त ने बैंकों को दिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश
बिहार के विकास में लगे राज्य का पैसा: विकास आयुक्त ने बैंकों को दिए मिशन मोड में काम करने के निर्देश | Image: Republic

बिहार में आर्थिक विकास की गति को और अधिक तीव्र करने के उद्देश्य से विकास आयुक्त श्री मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति की तृतीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पुराना सचिवालय स्थित मुख्य सभाकक्ष में संपन्न हुई इस बैठक में राज्य के समग्र बैंकिंग प्रदर्शन, वार्षिक साख योजना के लक्ष्यों, साख जमा अनुपात (CD Ratio) की वर्तमान स्थिति तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत ऋण प्रवाह की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान विकास आयुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि बैंकों को वार्षिक साख योजना के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए मिशन मोड में कार्य करना होगा, ताकि "बिहार के पैसे का निवेश बिहार के ही विकास में हो सके।"

बैंकिंग प्रदर्शन के मूल्यांकन के लिए ऐतिहासिक 100 अंकों का 'मापन सूचकांक'

बिहार के इतिहास में यह पहली बार है जब विकास आयुक्त द्वारा राज्य में कार्यरत बैंकों के कार्य-प्रदर्शन का पारदर्शी मूल्यांकन करने के लिए 100 अंकों का वैज्ञानिक 'मापन सूचकांक' (Evaluation Index) लागू किया गया है। इस व्यवस्था में विभिन्न मापदंडों के आधार पर बैंकों की स्कोरिंग और रैंकिंग तय की गई है। इसके साथ ही, ऋण निगरानी तंत्र में चार नई महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजनाओं को शामिल किया गया है, जिससे वित्तीय प्रवाह की और अधिक सटीक ट्रैकिंग संभव हो सकेगी।

वार्षिक साख योजना (2026-27): ₹4,95,000 करोड़ का विशाल लक्ष्य

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वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिहार की वार्षिक साख योजना का आकार बढ़ाकर ₹4,95,000 करोड़ निर्धारित किया गया है, जो राज्य के ₹1,25,000 करोड़ के प्लान बजट से लगभग चार गुना अधिक है।

कुल उपलब्धि: 30 सितंबर 2026 तक राज्य ने ₹1,89,343.52 करोड़ (38.25%) का ऋण वितरित कर लिया है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में ₹46,228.29 करोड़ अधिक है।

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एमएसएमई (MSME) क्षेत्र: ₹1,59,632 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले ₹84,091.21 करोड़ (52.68%) की उत्कृष्ट उपलब्धि।

कृषि क्षेत्र: ₹1,57,015 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध ₹43,967.17 करोड़ (28.00%) का ऋण प्रवाह।

प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र: ₹3,55,532 करोड़ के लक्ष्य में से ₹1,30,619.00 करोड़ (36.74%) वितरित।

साख जमा अनुपात (CD Ratio) एवं बैंक रैंकिंग का विश्लेषण

राज्य का समग्र CD Ratio 60.17% पर बना हुआ है। वर्तमान में राज्य में कुल जमा राशि ₹6,49,225 करोड़ तथा कुल बकाया साख ₹3,90,655 करोड़ के स्तर पर पहुंच गई है।

100 अंकों के मापन सूचकांक के आधार पर बैंकों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है।

ग्रीन ज़ोन (50 या अधिक अंक): उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बैंकों में IDFC फर्स्ट बैंक (74 अंक) शीर्ष पर है। इसके अलावा जम्मू एंड कश्मीर बैंक (68), एचडीएफसी बैंक (65), बैंक ऑफ बड़ौदा (64) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (52) जैसे बैंक शामिल हैं।

येलो ज़ोन (40 से 50 अंक): मध्यम प्रदर्शन करने वाले बैंकों में आईसीआईसीआई बैंक (47), बैंक ऑफ इंडिया (47), पंजाब नेशनल बैंक (45) और इंडियन बैंक (40) शामिल हैं।

रेड ज़ोन (40 से कम अंक): कम प्रदर्शन करने वालों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (32), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (37), यूको बैंक (35), केनरा बैंक (27) और आईडीबीआई बैंक (26) शामिल हैं।

जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा एवं विकास आयुक्त के निर्देश

विकास आयुक्त ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं में ऋण प्रवाह को तीव्र करने के निर्देश दिए:

KCC: 7.37 लाख से अधिक खातों के माध्यम से ₹8,344.70 करोड़ का ऋण स्वीकृत।

पीएम स्वनिधि: 2.17 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को ₹2,09,959 लाख का ऋण।

पीएम सूर्य घर योजना: 13,911 आवेदन स्वीकृत कर ₹28,451.21 लाख की राशि को गति दी गई।

विकास आयुक्त ने रेड ज़ोन में शामिल और 50% से कम CD Ratio वाले प्रमुख बैंकों (जैसे SBI, PNB, UCO, CBI) को कड़ी हिदायत दी कि वे ऋण आवेदनों की पेंडेंसी जल्द समाप्त करें और लोन रिजेक्शन दर को न्यूनतम स्तर पर लाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैंकों में जमा राज्य की जनता के पैसे को कृषि, एमएसएमई, स्टार्टअप और बुनियादी ढांचे में वापस निवेश किया जाए।

इस समीक्षा बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव, एसएलबीसी (SLBC) के मुख्य संयोजक, विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं राज्य सरकार के उच्च पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Published By:
 Initiative Desk
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