'सुरक्षित आवास, समावेशी विकास, विकसित मध्यप्रदेश' ड्रॉफ्ट पर सुझाव आमंत्रित

मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अंतर्गत अब तक 10 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 9 लाख से अधिक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि दी जा चुकी है।

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव | Image: ANI (file photo)

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, समृद्ध और सम्मानजनक जीवन प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। गत दिनों इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 'अर्बन ग्रोथ कॉनक्लेव 2.0' में “मध्यप्रदेश शहरी किफायती आवास एवं पर्यावास नीति-2026" का प्रारूप सार्वजनिक परामर्श एवं सुझावों के आधिकारिक रूप से जारी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के "सबका साथ, सबका विकास और सर्वसमावेशी कल्याण" के विज़न पर आधारित यह पॉलिसी ड्रॉफ्ट मध्यप्रदेश के भविष्य के शहरी परिदृश्य को एक नई दिशा और ऊँचाई प्रदान करेगी।

भावी शहरी आवश्यकताओं के लिए तैयार की गई है 'मध्यप्रदेश शहरी किफायती आवास एवं पर्यावास नीति-2026'

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के व्यापक उद्देश्यों के अनुरूप ड्रॉफ्ट तैयार किया गया है। प्रदेश में तीव्र गति से हो रहे नगरीकरण, औद्योगिक विस्तार, ग्रामीण क्षेत्रों से होने वाले प्रवास और रोजगार के बढ़ते अवसरों के दृष्टिगत किफायती आवासों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह नीति एक क्रांतिकारी कदम है। "सुरक्षित आवास, समावेशी विकास, विकसित मध्यप्रदेश" के लिये यह नीति न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए दीर्घकालिक समाधान प्रदान करेगी, बल्कि "विकसित मध्यप्रदेश-2047" की संकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण होगी।

पॉलिसी ड्रॉफ्ट के प्रमुख प्रावधान

पॉलिसी ड्रॉफ्ट : 2026 में आधुनिक तकनीक, प्रशासनिक सुगमता और निजी क्षेत्र के सहयोग का उत्कृष्ट समन्वय किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि किफायती आवास निर्माण को गति देने के लिए निजी डेवलपर्स को प्रोत्साहित किया जाएगा। स्वीकृति प्रक्रियाओं के सरलीकरण, नियमकीय सुधारों, एफएआर में वृद्धि, शुल्कों में रियायत और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडलों के माध्यम से निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

भूमि का कुशल नियोजन एवं प्रबंधन: टाउन प्लानिंग स्कीम ,विकास अधिकारों के हस्तांतरण के प्रभावी क्रियान्वयन और शासकीय भूमियों के सर्वोत्तम उपयोग से किफायती आवासों के निर्माण के लिए भूमि की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
'भूमि' एकीकृत डिजिटल पोर्टल: प्रक्रियाओं को पारदर्शी, सुगम और समयबद्ध बनाने के लिए 'ब्रिज फॉर हाऊसिंग :यूनिफाइड& इनफार्मेशन' (बीएचयूएमआई) पोर्टल विकसित किया जाएगा। इसके माध्यम से नागरिक एवं डेवलपर्स आवास संबंधी कार्यों और स्वीकृतियों की स्थिति को डिजिटल रूप से ट्रैक कर सकेंगे।

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मलिन बस्तियों का इन-सिचु पुनर्विकास : स्लम क्षेत्रों में निवास करने वाले परिवारों को विस्थापित किए बिना, उनकी मूल बसाहट के निकट ही आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से युक्त पक्के आवास और बेहतर जीवन शैली उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जाएगी।
किफायती किराया आवास :उद्योगों, रोजगार केंद्रों तथा शैक्षणिक संस्थानों के समीप श्रमिकों, कामगारों एवं विद्यार्थियों के लिए सुलभ और किफायती किराए के आवास मॉडल विकसित किए जाएंगे।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में मध्यप्रदेश की स्वर्णिम उपलब्धियों की निरंतरता

मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अंतर्गत अब तक 10 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिनमें से 9 लाख से अधिक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं। लक्ष्य की प्राप्ति के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 24 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान राशि दी जा चुकी है। 'मध्यप्रदेश शहरी किफायती आवास एवं पर्यावास नीति-2026' का यह पॉलिसी ड्रॉफ्ट इसी अभूतपूर्व सफलता को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के हर बेघर शहरी परिवार को सम्मानजनक आशियाना प्रदान करने के मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प को पूरा करेगा।
 

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Published By:
 Initiative Desk
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