अपनेही गांव से पंजाब की तस्वीर बदलने निकले CM मान, सतौज से शुरू हुआ ‘वायरफ्री विलेज’ पायलट प्रोजेक्ट
सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह सिर्फ बिजली का प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि गांवों में सुरक्षित और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चरतैयार करने की शुरुआत है।
- इनिशिएटिव
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मुख्यमंत्री मान ने आज अपने पुश्तैनी गांव सतौज से गांवों की तस्वीर बदलने वाले “वायर फ्री विलेज” पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। बिजली मंत्री Tarunpreet Singh Sond और वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema की मौजूदगी में शुरू हुए इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट के जरिए गांवों को बिजली के खंभों और तारों के जाल से राहत मिलेगी। सतौज से शुरू हुआ यह “सतौजमॉडल”आने वाले समय में पंजाब ही नहीं बल्कि पूरे देश के गांवों के लिए नई पहचान बन सकता है।
इस मौके पर Bhagwant Mann ने बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह सिर्फ बिजली का प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि गांवों में सुरक्षित और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चरतैयार करने की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि पहले तूफान आने पर बिजली के खंभे टेढ़े हो जाते थे और कई बार खेतों में काम कर रही कंबाइन मशीनें बिजली की तारों से टकरा जाती थीं, जिससे आग लगने और बड़े हादसों का खतरा बना रहता था। लेकिन अब साढ़े तीन फुट नीचे तारें बिछने से ये समस्याएं काफी हद तक खत्म हो जाएंगी।
करीब 8 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत 66 केवी ग्रिड से लेकर घरों तक जाने वाली बिजली लाइनों को जमीन के नीचे डाला जाएगा। 41 किलोमीटर लंबी सर्विस केबल गांव के हर घर तक पहुंचेगी जबकि करीब 382 बिजली के खंभे हटाए जाएंगे। सरकार का दावा है कि नई डिजिटल और फाइबर आधारित तारें बारिश, तेज गर्मी, तूफान और आग जैसी स्थितियों से प्रभावित नहीं होंगी और इनकी उम्र लगभग 50 साल तक रहेगी।
CM मानने कहा कि इस प्रोजेक्ट से ट्रांसमिशन लॉस कम होगा और लोगों को पूरी वोल्टेज के साथ बेहतर बिजली सप्लाई मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगर सतौज मॉडल सफल रहता है तो इसे पंजाब के दूसरे गांवों में भी लागू किया जाएगा ताकि गांवों को आधुनिक, सुरक्षित और वायर फ्री बनाया जा सके।