अपडेटेड 21 March 2026 at 19:24 IST
पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए विधायक पूरी जिम्मेदारी लें और हर गांव की रोज की जवाबदेही सुनिश्चित करें-मनीष सिसोदिया
आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने अमृतसर में 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' मुहिम के तहत कार्यकर्ताओं और विधायकों में नया जोश भरा। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'आप' की नींव सत्ता के सुख के लिए नहीं, बल्कि संघर्ष और कुर्बानी पर रखी गई है।
- इनिशिएटिव
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आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब प्रभारी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अमृतसर में पार्टी के भीतर नई ऊर्जा फूंकते हुए नशे के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान किया है। 'युद्ध नशेआं विरुद्ध' मुहिम के तहत आयोजित एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब को नशा मुक्त करने की जिम्मेदारी अब सीधे तौर पर विधायकों और ब्लॉक इंचार्जों की जवाबदेही होगी।
सिसोदिया ने पार्टी की बुनियादी विचारधारा को याद दिलाते हुए कहा कि 'आप' ड्राइंग रूम की राजनीति से नहीं, बल्कि जंतर-मंतर पर अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में हुई 14 दिनों की भूख हड़ताल और जनता के संघर्ष से निकली है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पार्टी सत्ता का सुख भोगने या मंत्री पद पाने के लिए नहीं बनी। हमारा आधार संघर्ष और कुर्बानी है। हमने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी कभी हिम्मत नहीं हारी है।
चुनौतियों के बावजूद दिल्ली मॉडल की सफलता
दिल्ली सरकार के अनुभवों को साझा करते हुए सिसोदिया ने बताया कि कैसे केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार पर 'ज़ीरो टॉलरेंस' अपनाने के कारण एसीबी और अधिकारियों के तबादलों की शक्तियां छीन ली थीं। इसके बावजूद, केजरीवाल सरकार ने हार नहीं मानी और शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी के क्षेत्र में ऐसे ऐतिहासिक काम किए जो आज पूरे देश के लिए मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि इसी दृढ़ता का परिणाम था कि 2020 में दिल्ली की जनता ने 70 में से 62 सीटें देकर दोबारा विश्वास जताया।
ईमानदारी की छवि पर हमला और 'जीरो' केस
सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की 'ईमानदारी' की छवि को तोड़ने के लिए सत्येंद्र जैन और उन्हें झूठे केसों में फंसाया गया। उन्होंने कहा कि जिस शराब घोटाले में 10,000 करोड़ के गबन का आरोप लगाया गया था, वह अदालत में 'ज़ीरो' साबित हुआ। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इन साजिशों से डरे बिना गुरुओं और शहीदों की धरती से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें।
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विधायकों की जवाबदेही और 'जीरो टॉलरेंस'
नशे के खिलाफ रणनीति साझा करते हुए सिसोदिया ने विधायकों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी गांव या वार्ड में नशा बिक रहा है, तो विधायक को चैन से नहीं बैठना चाहिए। 24 मार्च से 31 मार्च तक सभी ब्लॉकों में बैठकें होंगी, जहां VDC (Village Defence Committees) रिपोर्ट पेश करेंगी।
यदि पार्टी का कोई कार्यकर्ता भी नशे के कारोबार में लिप्त पाया गया, तो उसे सीधे जेल भेजा जाएगा।
आम जनता को प्रोत्साहित करने के लिए सिसोदिया ने बताया कि शिकायतों के लिए एक विशेष ऐप तैयार किया गया है। यह ऐप पूरी तरह गोपनीय है; यहां तक कि मुख्यमंत्री या कमिश्नर को भी सूचना देने वाले का नाम पता नहीं चलेगा। इससे लोग बिना किसी डर के नशा तस्करों की जानकारी दे सकेंगे।
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Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 21 March 2026 at 19:24 IST