अपडेटेड 29 January 2026 at 21:31 IST
इंडिया एनर्जी वीक 2026 के तीसरे दिन तकनीक, हाइड्रोजन और नवाचार ने तय की भारत की ऊर्जा दिशा
India Energy Week 2026: गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक 2026 के तीसरे दिन ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, हाइड्रोजन आधारित समाधान और भविष्य की ऊर्जा प्रणालियों पर केंद्रित व्यापक चर्चा देखने को मिली।
- इनिशिएटिव
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गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक 2026 के तीसरे दिन ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी नवाचार, हाइड्रोजन आधारित समाधान और भविष्य की ऊर्जा प्रणालियों पर केंद्रित व्यापक चर्चा देखने को मिली। वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं, स्टार्टअप्स और तकनीकी विशेषज्ञों ने एक मंच पर एकत्र होकर भारत के ऊर्जा संक्रमण की आगामी रणनीति पर मंथन किया।
दिन का प्रमुख आकर्षण रहा ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा भंडारण, स्मार्ट ग्रिड, डिजिटलाइजेशन और कार्बन कैप्चर तकनीकों पर आधारित सत्र और प्रदर्शनियां। विशेष रूप से हाइड्रोजन जोन में अत्याधुनिक इलेक्ट्रोलाइजर, हाइड्रोजन मोबिलिटी सॉल्यूशंस, औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन मॉडल और स्टोरेज तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि हाइड्रोजन भारत के लिए न केवल स्वच्छ ऊर्जा का विकल्प है, बल्कि यह स्टील, रिफाइनिंग, फर्टिलाइजर और भारी परिवहन जैसे कठिन क्षेत्रों के डीकार्बोनाइजेशन में भी अहम भूमिका निभाएगा।
तकनीकी सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली, स्मार्ट मीटरिंग, ग्रिड ऑटोमेशन और डिजिटल ट्विन टेक्नोलॉजी पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इन तकनीकों को ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, नेटवर्क की विश्वसनीयता सुधारने और उत्सर्जन घटाने के लिए बेहद जरूरी बताया गया।
तीसरे दिन की चर्चाओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा केवल नीतिगत सुधारों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्वदेशी निर्माण क्षमताओं के सहारे आगे बढ़ेगी।
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Published By : Shashank Kumar
पब्लिश्ड 29 January 2026 at 21:29 IST