अपडेटेड 28 January 2026 at 15:53 IST

इंडिया एनर्जी वीक 2026: निवेश और इनोवेशन से इंडिया एनर्जी वीक 2026 की हुई शुरुआत

इंडिया एनर्जी वीक 2026 का पहला दिन ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ ऊर्जा भविष्य और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता नजर आया।

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India Energy Week 2026 kicks off with investment and innovation
निवेश और इनोवेशन से इंडिया एनर्जी वीक 2026 की हुई शुरुआत | Image: Social media

चौथे वार्षिक इंडिया एनर्जी वीक 2026 की औपचारिक शुरुआत गोवा स्थित ONGC एडवांस्ड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में हुई। इस वैश्विक ऊर्जा मंच पर पहले ही दिन यह स्पष्ट हो गया कि भारत अब केवल वैश्विक ऊर्जा बदलावों पर प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं रहा, बल्कि वह स्वच्छ ऊर्जा, निवेश और नवाचार की दिशा को स्वयं आकार देने की भूमिका में आ चुका है।
इंडिया एनर्जी वीक 2026 का पहला दिन ऊर्जा दक्षता, स्वच्छ ऊर्जा भविष्य और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता नजर आया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन से हुई। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने भारत के ऊर्जा मिशन को रेखांकित करते हुए कहा कि यह क्षेत्र लगभग 500 अरब डॉलर के निवेश अवसर प्रस्तुत करता है। उन्होंने इसे भारत को ऊर्जा सुरक्षा से ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग बताया।


प्रधानमंत्री ने भारत की रिफाइनिंग क्षमता और ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार की रूपरेखा भी सामने रखी। वर्ष 2030 तक तेल और गैस क्षेत्र में 100 अरब डॉलर के अपस्ट्रीम निवेश के लक्ष्य के साथ, भारत को दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनिंग हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की बात कही गई।
इंडिया एनर्जी वीक के पहले दिन वैश्विक ऊर्जा नेतृत्व ने भारत पर अपना भरोसा खुलकर जताया। यूएई के उद्योग मंत्री और ADNOC के सीईओ सुल्तान अहमद अल जाबेर ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा मांग की वृद्धि में भारत की भूमिका अब केंद्र में है।
उन्होंने पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भी दीर्घकालिक, मजबूत और भरोसेमंद साझेदारियों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। इस संदर्भ में भारत की रणनीति को संतुलित और यथार्थवादी बताया गया।


पहले दिन की चर्चाओं को खास बनाने वाला पहलू था भारत का खुद को एक “ब्रिज इकॉनमी” के रूप में स्थापित करना—ऐसी अर्थव्यवस्था जो एक ओर विकासशील देशों की ऊर्जा आवश्यकताओं को समझती है, वहीं दूसरी ओर वैश्विक जलवायु लक्ष्यों की गंभीरता को भी स्वीकार करती है। भारत ने यह स्पष्ट किया कि उसका ऊर्जा संक्रमण न तो जल्दबाजी में किया जाएगा और न ही विकास की कीमत पर, बल्कि संतुलन और व्यावहारिकता के साथ आगे बढ़ेगा।

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औपचारिक संबोधनों से आगे बढ़कर, इंडिया एनर्जी वीक 2026 का पहला दिन ऊर्जा कूटनीति का भी सशक्त मंच बनकर उभरा। यहां कच्चे तेल, एलएनजी, यूरेनियम और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को लेकर वैश्विक हितधारकों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर सार्थक बातचीत हुई। यह संकेत था कि इंडिया एनर्जी वीक अब केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारियों को आकार देने वाला वैश्विक मंच बन चुका है।
कुल मिलाकर, इंडिया एनर्जी वीक 2026 के पहले दिन ने भारत के ऊर्जा दृष्टिकोण को आत्मविश्वासी, दूरदर्शी और सहयोग-आधारित रूप में प्रस्तुत किया। संदेश साफ था—दुनिया का ऊर्जा भविष्य भारत की भागीदारी के बिना अधूरा है, और इस भविष्य को गढ़ने के लिए भारत पूरी तरह तैयार है।
 

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Published By : Sahitya Maurya

पब्लिश्ड 28 January 2026 at 15:53 IST