अपडेटेड 20 February 2026 at 20:33 IST

Acharya Manish Ji के मार्गदर्शन में भारत में आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य सेवा का विस्तार

Acharya Manish Ji को पूरे भारत में एक आयुर्वेद विशेषज्ञ, स्वास्थ्य सलाहकार और प्रेरक वक्ता के रूप में जाना जाता है। वर्षों से वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के साथ काम करते रहे हैं। वे अक्सर कहते हैं कि स्वास्थ्य अचानक खराब नहीं होता, बल्कि धीरे-धीरे कमजोर पड़ता है।

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Expansion of Ayurveda based healthcare in India under the guidance of Acharya Manish Ji
Acharya Manish Ji के मार्गदर्शन में भारत में आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य सेवा का विस्तार | Image: Social media

Acharya Manish Ji को पूरे भारत में एक आयुर्वेद विशेषज्ञ, स्वास्थ्य सलाहकार और प्रेरक वक्ता के रूप में जाना जाता है। वर्षों से वे लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के साथ काम करते रहे हैं। उनका मुख्य ध्यान लोगों को स्वास्थ्य को सरल भाषा में समझाने पर रहता है। उनके अनुयायियों के अनुसार, वे बीमारी से अधिक आदतों पर बात करते हैं।

वे अक्सर कहते हैं कि स्वास्थ्य अचानक खराब नहीं होता, बल्कि धीरे-धीरे कमजोर पड़ता है। पाचन की गड़बड़ी, भोजन का गलत समय, तनाव और दिनचर्या की कमी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। उनके व्याख्यान प्रायः इन्हीं मूल बातों से शुरू होते हैं।

आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पर सोच

Acharya Manish Ji का मानना है कि आयुर्वेद केवल दवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक दैनिक जीवन पद्धति है। वे भोजन, नींद, उपवास और प्राकृतिक जीवनशैली पर विशेष जोर देते हैं। उनकी कई शिक्षाएँ प्राकृतिक चिकित्सा से भी जुड़ी हैं, जिनमें प्राकृतिक आहार, नियंत्रित उपवास, पर्याप्त विश्राम और तेज दवाओं पर निर्भरता कम करने की बात शामिल होती है।

एक प्रेरक वक्ता के रूप में वे लोगों से सीधी और सरल भाषा में संवाद करते हैं। वे डर के बजाय जागरूकता पर बल देते हैं और लोगों को अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी स्वयं लेने के लिए प्रेरित करते हैं। इस दृष्टिकोण से कई लोगों ने धीरे-धीरे अपनी जीवनशैली में बदलाव किया है।

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Jeena Sikho HiiMS की स्थापना की सोच

इसी विचारधारा के साथ Jeena Sikho HiiMS को एक समेकित स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया गया। इसकी परिकल्पना को आकार देने में Acharya Manish Ji की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उद्देश्य था कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ अलग-अलग काम करने के बजाय एक साथ मिलकर रोगियों को सहयोग दें।

यहाँ आयुर्वेद के साथ होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा और यूनानी पद्धति भी समन्वय में काम करती हैं। यह मॉडल विशेष रूप से उन लोगों के लिए तैयार किया गया है जो पुरानी और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे मरीजों को अक्सर समय, मार्गदर्शन और नियमित फॉलो-अप की आवश्यकता होती है।

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कई शहरों में विस्तार

वर्तमान में यह संगठन भारत के 55 से अधिक अस्पतालों का संचालन कर रहा है। ये केंद्र Delhi, Mumbai, Jaipur, Chandigarh, Bengaluru, Chennai, Kolkata, Meerut, Patna, Lucknow, Ahmedabad, Gurugram सहित अनेक स्थानों पर स्थित हैं।

प्रत्येक केंद्र बहु-बेड सुविधा के रूप में कार्य करता है, जहाँ प्रशिक्षित डॉक्टर, थेरेपिस्ट और केयर टीमें मिलकर काम करती हैं। परामर्श, थेरेपी, आहार योजना और निगरानी की व्यवस्थित प्रक्रियाएँ अपनाई जाती हैं। जानकारों का मानना है कि इस संरचित व्यवस्था ने निरंतर विकास में मदद की है।

किन स्वास्थ्य स्थितियों पर ध्यान

Acharya Manish Ji के मार्गदर्शन में Jeena Sikho HiiMS में मुख्य रूप से पुरानी बीमारियों पर ध्यान दिया जाता है। इनमें किडनी रोग, लिवर विकार, कैंसर के दौरान सहायक देखभाल, हृदय संबंधी समस्याएँ, मधुमेह, रक्तचाप असंतुलन, बांझपन, जोड़ों की दिक्कतें, त्वचा रोग और पाचन संबंधी परेशानियाँ शामिल हैं।

यहाँ आने वाले कई मरीज पहले से लंबा उपचार ले चुके होते हैं। डॉक्टर और स्वास्थ्य सलाहकार केवल रिपोर्ट नहीं, बल्कि पूरी जीवनशैली का अध्ययन करते हैं। पाचन, भोजन की आदतें, शरीर में विषाक्त तत्वों का संचय और दैनिक दिनचर्या पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

मरीजों पर प्रभाव और जागरूकता

केंद्रों से जुड़े लोगों के अनुसार, यहाँ देखभाल का तरीका क्रमिक है। अचानक बदलाव करने के बजाय धीरे-धीरे सुधार पर जोर दिया जाता है। उपचार के दौरान मरीजों का लगातार मार्गदर्शन किया जाता है।

Acharya Manish Ji अपने प्रवचनों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से इस स्वास्थ्य मॉडल को दिशा देते रहते हैं। एक आयुर्वेद विशेषज्ञ और स्वास्थ्य सलाहकार के रूप में उनका उद्देश्य प्राकृतिक और संतुलित जीवन के प्रति जागरूकता फैलाना है।

भारत में समेकित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति बढ़ती रुचि के बीच, उनका प्रयास पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को अधिक संगठित और आम लोगों के लिए सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
 

Published By : Sahitya Maurya

पब्लिश्ड 20 February 2026 at 20:33 IST