रायपुर: पीएलएफएस 2025 के आंकड़ों में दिखा सुशासन का असर, छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से कम

पीएलएफएस 2025 में छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर केवल 2.3 प्रतिशत दर्ज की गई है। रोजगार सृजन में सकारात्मक मॉडल छत्तीसगढ़ बना है।

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Chhattisgarh CM Vishnu deo Sai
छत्तीसगढ़ सीएम विष्णु देव साय | Image: Facebook

भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) 2025 के आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी कम होकर 2.3 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा प्रदेश की मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगारोन्मुखी नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता को दर्शाता है।

राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को सम्मानजनक आजीविका, स्थायी आय और आत्मनिर्भरता से जोड़ना रही है। यही कारण है कि खेती, वनोपज, स्वरोजगार और लघु उद्यमों पर आधारित आर्थिक गतिविधियों ने प्रदेश में रोजगार के अवसरों को लगातार मजबूत किया है।

प्रदेश में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों को आर्थिक विकास की धुरी बनाते हुए किसानों, ग्रामीणों और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आजीविका से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है। समर्थन मूल्य पर वनोपज खरीदी, ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों को बढ़ावा, लघु एवं कुटीर उद्योगों के विस्तार, कौशल विकास कार्यक्रमों तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन की योजनाओं ने युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से गांवों में आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ा है, जिससे पलायन में कमी आने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।

छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर में गिरावट

राज्य सरकार का मानना है कि केवल बेरोजगारी के आंकड़े कम होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि युवाओं को उनकी क्षमता और कौशल के अनुरूप बेहतर अवसर उपलब्ध कराना अधिक महत्वपूर्ण है। इसी सोच के अनुरूप कौशल उन्नयन, उद्यमिता विकास, रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण और निवेश आधारित औद्योगिक विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं, जहां प्रदेश में लगातार नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। सरकार ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित करते हुए विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।

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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि राज्य सरकार का संकल्प छत्तीसगढ़ के प्रत्येक युवा, किसान, महिला और श्रमिक को आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ाने का है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास और रोजगार के नए अवसरों का निरंतर विस्तार किया जा रहा है, ताकि आर्थिक प्रगति का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनहितकारी योजनाओं, सुशासन और रोजगारोन्मुखी नीतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश के अग्रणी विकासशील राज्यों में अपनी मजबूत पहचान और अधिक सुदृढ़ करेगा।

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Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड