युवाओं के रोजगार के लिए प्रतिबद्ध सीएम डॉ. मोहन, जानें कौन सी कंपनी दे रही ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, कैसे करें आवेदन?

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्धारित पात्रता के अनुसार अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित प्रशिक्षणार्थियों को उनके द्वारा चयनित कार्यश्रेणी व जिले के अनुरूप कंपनी के विभिन्न विद्युत गृहों एवं कार्यालयों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ होने के एक माह बाद प्रशिक्षणार्थियों को पात्रता के अनुसार 8 हजार से 10 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड का भुगतान प्रारंभ होगा। प्रशिक्षण की कुल अवधि एक वर्ष निर्धारित है।

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव | Image: Initiative

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य के युवाओं को रोजगार देने और स्व-रोजगार की व्यवस्था करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसी कड़ी में युवाओं को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण और अपने कौशल को निखारने का अवसर प्रदान करने के लिए मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने 'मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना' के अंतर्गत 559 ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग पद उपलब्ध कराए हैं। डिग्री, डिप्लोमा अथवा अन्य निर्धारित शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के बाद रोजगार के अवसर तलाश रहे युवा इस योजना के माध्यम से कंपनी के विभिन्न कार्यालयों एवं विद्युत गृहों में एक वर्ष का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। पात्र प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान 8 हजार रुपये से लेकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह तक स्टाइपेंड भी दिया जाएगा।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत युवाओं को जबलपुर स्थित पावर कंपनी मुख्यालय के साथ प्रदेश में स्थित विभिन्न जल एवं ताप विद्युत गृहों में कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। योजना के अंतर्गत इलेक्ट्रीशियन, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एवं सिस्टम मेंटेनेंस, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, स्टेनो (हिन्दी/अंग्रेजी), सिविल इंजीनियरिंग, मानव संसाधन, अकाउंट्स सहित विभिन्न कार्यश्रेणियों में प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। इससे युवाओं को अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप विद्युत उत्पादन एवं कंपनी के विभिन्न कार्यक्षेत्रों की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।

एक वर्ष की प्रशिक्षण अवधि, प्रशिक्षण के बाद स्टाइपेंड

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्धारित पात्रता के अनुसार अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित प्रशिक्षणार्थियों को उनके द्वारा चयनित कार्यश्रेणी व जिले के अनुरूप कंपनी के विभिन्न विद्युत गृहों एवं कार्यालयों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ होने के एक माह बाद प्रशिक्षणार्थियों को पात्रता के अनुसार 8 हजार से 10 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड का भुगतान प्रारंभ होगा। प्रशिक्षण की कुल अवधि एक वर्ष निर्धारित है।

18-29 वर्ष के मध्यप्रदेश के स्थानीय निवासी कर सकते हैं आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना आवश्यक है। अभ्यर्थी की आयु 18 से 29 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता के अंतर्गत निर्धारित कार्यश्रेणी के अनुसार 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा अथवा स्नातक उत्तीर्ण होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया 23 सितंबर 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 15 अक्टूबर की रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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ऑनलाइन पोर्टल से ही होगा आवेदन

इच्छुक अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के ऑनलाइन पोर्टल https://mmsky.mp.gov.in/Web/Candidate/Registration के माध्यम से आवेदन करना होगा। योजना में पंजीयन के लिए समग्र आईडी एवं आधार की ई-केवाईसी आवश्यक है। अभ्यर्थियों को ध्यान रखना होगा कि मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के अंतर्गत उपलब्ध ये पद प्रशिक्षण हेतु हैं तथा इन्हें नियमित नौकरी अथवा स्थायी रोजगार के रूप में नहीं माना जाएगा। आवेदन से संबंधित किसी भी प्रकार की कठिनाई अथवा जानकारी के लिए अभ्यर्थी अपने संबंधित जिला स्तरीय आईटीआई से संपर्क कर सकते हैं।
 

Published By:
 Initiative Desk
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