अपडेटेड 2 March 2026 at 21:56 IST
पंजाब में ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण; CM भगवंत सिंह मान ने नशों के खिलाफ साझा लड़ाई के लिए लोगों को दी बधाई
Bhagwant Singh Mann: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम का एक वर्ष सफल होने पर पंजाब को बधाई दी। एक साल में 51,000 से ज्यादा गिरफ्तारियां, 2,277 किलो हेरोइन जब्त और 88% सजा दर के साथ नशा तस्करों की तोड़ी कमर।
- इनिशिएटिव
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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ मुहिम का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर पंजाब के लोगों को बधाई दी और इसे राज्य को नशों के खतरे से मुक्त करने की दिशा में एक निर्णायक और ऐतिहासिक अभियान बताया।
पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए इस जन आंदोलन की पहली वर्षगांठ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान ने पंजाब में नशों के खिलाफ लड़ाई की दिशा को पूरी तरह बदल दिया है और नशा आपूर्ति के नेटवर्क को सख्ती से समाप्त किया गया है।
एक बयान में मुख्यमंत्री ने कहा, “युद्ध नशों विरुद्ध मुहिम पंजाब में ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई रही है। पिछली सरकारों ने ड्रग व्यापार को संरक्षण दिया, जिससे राज्य की कई पीढ़ियां बर्बाद हो गईं। दूसरी ओर, पंजाब सरकार ने नशों की सप्लाई लाइन तोड़कर और इस घिनौने अपराध में शामिल बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे भेजकर नशे के कारोबार की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी है।”
इस मुहिम के प्रभाव और व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशों के खिलाफ इस मुहिम को आम लोगों के सक्रिय सहयोग से एक जन आंदोलन में बदलने के लिए व्यापक और बहुआयामी रणनीति अपनाई गई। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक नशों के खतरे के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति लागू की गई।
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इस मुहिम के अंतर्गत की गई कार्रवाई का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ कुल 36,178 एफआईआर दर्ज की गईं और 51,648 तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त 2,277 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई तथा 49 लाख से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए।
उन्होंने आगे कहा कि नशा तस्करों से 16.70 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है और तस्करों से संबंधित करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त या ध्वस्त की गई हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल सजा दर लगभग 84 प्रतिशत रही है, जो निरंतर सुधार के साथ वर्ष 2025 में लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंच गई है। यह मजबूत केस तैयारी और फॉरेंसिक सहयोग का प्रमाण है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत वर्तमान सरकार नशा पीड़ितों की लाशों और चिताओं की कीमत पर तस्करों को फलने-फूलने नहीं देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा तस्करों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
पंजाब सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि यह लड़ाई पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने के लिए है और इसे बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रखा जाएगा।
Published By : Shashank Kumar
पब्लिश्ड 2 March 2026 at 21:56 IST