मध्य प्रदेश के निवेश अभियान के बीच सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भूमि संबंधी अभिलेखों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया

मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कृषि भूमि, परिवार के स्वामित्व वाली संपत्तियों तथा संबंधित कॉर्पोरेट रिकॉर्ड से जुड़े सार्वजनिक अभिलेखों पर एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।

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Mohan Yadav land records issued an official clarification
मोहन यादव की भूमि संबंधी अभिलेखों पर आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी | Image: Social Media

मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कृषि भूमि, परिवार के स्वामित्व वाली संपत्तियों तथा संबंधित कॉर्पोरेट रिकॉर्ड से जुड़े सार्वजनिक अभिलेखों पर एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी इस स्पष्टीकरण में राजस्व अभिलेखों, वैधानिक चुनावी शपथपत्रों और कंपनी रिकॉर्ड में उपलब्ध जानकारी का उल्लेख किया गया है। सरकार के अनुसार, यह स्पष्टीकरण भूमि स्वामित्व की समय-सीमा और सार्वजनिक अभिलेखों से संबंधित तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जारी किया गया है।

सरकार ने बताया कि डॉ. मोहन यादव की कृषि भूमि का क्षेत्रफल दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद संभालने से पहले भी 17.967 एकड़ था और वर्तमान में भी उतना ही है। सरकार के अनुसार, यही आंकड़ा आधिकारिक राजस्व अभिलेखों तथा वर्ष 2023 के चुनावी शपथपत्र में घोषित संपत्ति विवरण में दर्ज है।

स्पष्टीकरण में मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली कृषि भूमि का भी उल्लेख किया गया है। सरकार के अनुसार, सीमा यादव के स्वामित्व वाली अधिकांश भूमि वर्ष 2008 से 2019 के बीच खरीदी गई थी। वहीं, वैभव यादव द्वारा खरीदी गई भूमि वर्ष 2019 से मार्च 2023 के बीच खरीदी गई, जो डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने से पहले की अवधि है। शालिनी यादव द्वारा वर्ष 2025 में खरीदी गई भूमि को उज्जैन मास्टर प्लान के अधिसूचित विकास क्षेत्र से बाहर स्थित कृषि भूमि बताया गया है।

स्पष्टीकरण में सिद्धि विनायक डेवकॉन प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित जानकारी भी शामिल है। सरकार के अनुसार, इस कंपनी की स्थापना वर्ष 2008 में कृषि गतिविधियों के उद्देश्य से की गई थी। डॉ. मोहन यादव और सीमा यादव ने वर्ष 2017 में कंपनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि मार्च 2026 में उन्होंने अपनी शेष शेयरधारिता भी छोड़ दी। स्पष्टीकरण में दिए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कंपनी के पास नवंबर 2023 में 68.43 एकड़ भूमि थी, जो जून 2026 में घटकर 65.69 एकड़ रह गई।

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सरकार ने यह भी कहा कि उज्जैन मास्टर प्लान 2035 मई 2023 में लागू हुआ था, जो डॉ. मोहन यादव के दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले का समय है। सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री की संपत्ति से संबंधित जानकारी वैधानिक चुनावी शपथपत्रों और अन्य सार्वजनिक अभिलेखों के माध्यम से उपलब्ध है।

अधिकारियों के अनुसार, इस स्पष्टीकरण का उद्देश्य सरकारी रिकॉर्ड, चुनावी शपथपत्रों और कंपनी दस्तावेजों में उपलब्ध जानकारी को एक स्थान पर प्रस्तुत करना है। सरकार ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी यह जानकारी इन्हीं आधिकारिक अभिलेखों पर आधारित है।

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यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में जारी किया गया है जब मध्य प्रदेश राज्य बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और निवेश संबंधी पहलों को आगे बढ़ा रहा है। इसी क्रम में आगामी मध्य प्रदेश कॉन्क्लेव 2026 की तैयारियां भी जारी हैं, जहां राज्य अपनी दीर्घकालिक आर्थिक एवं निवेश संबंधी विकास रूपरेखा प्रस्तुत करने की योजना बना रहा है।

अस्वीकरण: यह प्रायोजित (Sponsored) सामग्री है। इस लेख में दी गई जानकारी, आंकड़े और दावे प्रायोजक संस्था एवं/या उसके प्रतिनिधियों द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। प्रकाशन, प्रकाशक और मीडिया एजेंसी ने इन दावों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन नहीं किया है और न ही उनका समर्थन करती है। पाठकों को किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसका स्वतंत्र रूप से सत्यापन करने की सलाह दी जाती है।
 

Published By:
 Sahitya Maurya
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