अपडेटेड 26 January 2026 at 18:13 IST

कोरियन जैसी त्वचा पाने के लिए आयुर्वेदिक दृष्टिकोण: स्वामी रामदेव और पतंजलि की सलाह

कोरियन जैसी त्वचा कोई तात्कालिक परिणाम नहीं बल्कि संतुलित जीवनशैली का परिणाम है। पतंजलि और स्वामी रामदेव का आयुर्वेदिक मार्गदर्शन प्राकृतिक और स्थायी समाधान प्रस्तुत करता है।

Follow : Google News Icon  
Ayurvedic approach to achieving Korean-like skin
Ayurvedic approach to achieving Korean-like skin | Image: Patanjali

आज के समय में “कोरियन स्किन” का चलन तेज़ी से बढ़ा है, जिसे साफ़, दमकती और युवा त्वचा का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, स्वामी रामदेव और पतंजलि के अनुसार, वास्तविक त्वचा सौंदर्य बाहरी सौंदर्य प्रसाधनों से नहीं बल्कि आंतरिक स्वास्थ्य से आता है।

आयुर्वेद में त्वचा का महत्व

आयुर्वेद त्वचा को शरीर की आंतरिक स्थिति का प्रतिबिंब मानता है। पाचन तंत्र, यकृत और रक्त की शुद्धता त्वचा की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। पतंजलि इस सिद्धांत को अपने शोध आधारित दृष्टिकोण से आगे बढ़ाता है।

ऑर्गेनिक स्किन केयर की भूमिका

स्वामी रामदेव रासायनिक उत्पादों के बजाय प्राकृतिक और ऑर्गेनिक स्किन केयर पर जोर देते हैं। पतंजलि द्वारा विकसित आयुर्वेदिक उत्पाद त्वचा को पोषण देते हैं और उसके प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखते हैं।

खाने योग्य पोषण और त्वचा

पतंजलि की एक विशेष सोच यह है कि त्वचा की सुंदरता के लिए खानपान अत्यंत आवश्यक है। आयुर्वेद के अनुसार, सही आहार रक्त को शुद्ध करता है और त्वचा को भीतर से स्वस्थ बनाता है।

Advertisement

योग और जीवनशैली

योग और प्राणायाम रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं और शरीर से विषाक्त तत्वों को बाहर निकालते हैं। स्वामी रामदेव मानते हैं कि नियमित योग अभ्यास से पतंजलि के आयुर्वेदिक उपाय अधिक प्रभावीबनते हैं।

निष्कर्ष

कोरियन जैसी त्वचा कोई तात्कालिक परिणाम नहीं बल्कि संतुलित जीवनशैली का परिणाम है। पतंजलि और स्वामी रामदेव का आयुर्वेदिक मार्गदर्शन प्राकृतिक और स्थायी समाधान प्रस्तुत करता है।

Advertisement

Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 26 January 2026 at 18:13 IST