'हमारा ज्ञान और बोध अमर है, भारत भी हजारों वर्षों से...', वैश्विक सम्मेलन में बोले पीएम मोदी, मेरी नीतियों के केंद्र में युवा

चिन्मय अमृत महोत्सव के वैश्विक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा,'हमारी शिक्षा व्यवस्था नए भारत के हिसाब से हो इसके लिए हम नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लेकर आए हैं।'

  • Facebook Share Icon
  • Twitter Share Icon
  • WhatsApp Share Icon
 
Follow : Google News Icon
PM Modi
PM Modi | Image: PM Modi X

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज, 23 अक्टूबर को भारत मंडपम में आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन सभा को संबोधित भी किया। 23 से 25 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत और विदेशों से करीब 9,000 से अधिक प्रतिभागी इस सम्मेलन में शामिल होंगे। यह चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे वर्ष भर के समारोहों का समापन है। कार्यक्रम को संबोधिक करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मेरे नीतियों के केंद्र में देश के युवा हैं।

चिन्मय अमृत महोत्सव में शामिल होने पर पीएम मोदी ने कहा, आज यहां आकर मुझे हृदय में जो अनुभूति हो रही थी, आधुनिक टेक्नोलॉजी के जरिये इस आयोजन ने उसे और भी जीवंत कर दिया। पूज्य गुरुदेव स्वामी चिन्मयानंद जी इस रूप में दर्शन और उनके Holo watts से संवाद करने का सौभाग्य, ऐसा लग रहा था जैसे मैं 33 वर्ष पीछे पहुंच गया हूं। इतने दशकों की इसकी यात्रा भी चिन्मय संकल्पों से भरी रही है। और जो चिन्मय है, वो स्वाभाविक ही अमर है, अमृतमय है। इसलिए आज भारत मंडपम में चिन्मय अमृत महोत्सव आयोजन का ये नाम भी उतना ही सार्थक है।

हमारा राष्ट्र ही हमारी संस्कृति की जन्मभूमि है-PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "1993 में वडोदरा में मेरी गुरुदेव से हुई मेरी मुलाकात, उनका स्नेह, उनके साथ हुई बातचीत, उनका आशीर्वाद आज सबकुछ फिर से आंखों के सामने आ गया। एक पल के लिए ऐसा लगा जैसे मैं फिर से गुरुदेव के साक्षात सानिध्य में आ गया।" राष्ट्र का हित चाहने वाले हम लोग राष्ट्र को जाग्रत और उन्नत बनाएंगे। स्वामी चिन्मयानन्द जी ने अपना पूरा जीवन इसी मंत्र को लेकर जीया। वो जितनी श्रद्धा से आध्यात्मिक विषयों पर बोलते थे, उतनी ही तत्परता से वो राष्ट्र के विषयों पर भी मुखर होकर व्याख्यान देते थे। क्योंकि हमारा राष्ट्र ही हमारी संस्कृति की जन्मभूमि है।

हमारा ज्ञान और बोध अमर है-पीएम मोदी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  पीएम मोदी ने कहा, "हमारा ज्ञान और बोध अमर है। इसी बोध के कारण भारत भी हजारों वर्षों से अमर बना हुआ है। क्योंकि भारत शब्द का अर्थ ही है जो ज्ञान और प्रकाश के अनुसंधान में लगा हो। जब देश की आजादी के 75 वर्ष का अवसर आया तब मेरे मन में विचार आया था कि हमें इस अवसर को भारत का प्रेरणा मंच तो बनाना ही है, हमें भारत के स्वरुप को भी जीवंत करना है जो अमृत विचारों को जीना जानता है।"

Advertisement

 मेरी नीतियों के केंद्र में युवा है-PM मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा, “आज हम देख रहे हैं कि चिन्मय मिशन के 100 से ज्यादा शिक्षण संस्थान लाखों बच्चों का भविष्य निर्माण कर रहे हैं। उन्हें आधुनिक शिक्षा भी मिल रहे हैं और वे भारतीय संस्कारों को भी आत्मसात कर रहे हैं। हमारी शिक्षा व्यवस्था नए भारत के हिसाब से हो इसके लिए हम नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लेकर आए हैं। इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा में शिक्षा, आधुनिक विज्ञान और नई तकनीक को महत्व दिया गया है। मेरी नीतियों के केंद्र में युवा है।”

बता दें कि चिन्मय मिशन एक वैश्विक आध्यात्मिक आंदोलन है जिसकी स्थापना स्वामी चिन्मयानंद ने 1951 में वेदांत और भगवद गीता के ज्ञान को सर्वव्यापी बनाने के उद्देश्य से की थी। दशकों से, मिशन ने आध्यात्मिक शिक्षा, सांस्कृतिक संरक्षण, युवा सशक्तिकरण और सामुदायिक सेवा के क्षेत्र में अपने कार्यों का विस्तार किया है।

Advertisement

यह भी पढ़ें: MLC Election: यूपी-बिहार समेत 4 राज्यों की 28 सीटों पर वोटिंग जारी

Published By:
 Rupam Kumari
पब्लिश्ड