दुनिया की सबसे खतरनाक यात्रा... 3 KM लंबी ट्रेन, ना टिकट, ना सीट, ना पानी... लोग लोहे के ढेर पर बैठकर करते हैं 18 घंटे का सफर

अगर आपको लगता है कि भारतीय ट्रेनों की भीड़ सबसे खतरनाक होती है, तो आप शायद दुनिया की सबसे डरावनी रेल यात्रा से अब तक अनजान हैं।

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Train du Desert
ट्रेन डू डेसर्ट | Image: adventuringwithshannon.com

Worlds Most Dangerous Train Journey: अगर आपको लगता है कि भारतीय ट्रेनों की भीड़ सबसे खतरनाक होती है, तो आप शायद दुनिया की सबसे डरावनी रेल यात्रा से अब तक अनजान हैं। हम बात कर रहे हैं 'ट्रेन डू डेसर्ट' (Train du Desert) की जो पश्चिमी अफ्रीकी देश मॉरिटानिया के तपते रेगिस्तान से होकर गुजरती है। यह दुनिया की सबसे लंबी और सबसे कठिन मानी जाने वाली रेल यात्राओं में से एक है।

इस ट्रेन की लंबाई करीब 3 किलोमीटर बताई जाती है, जिसमें 200 से 210 मालगाड़ी के डिब्बे लगे होते हैं। इनमें से सिर्फ एक डिब्बा पैसेंजर के लिए आरक्षित होता है और बाकी में भरते हैं लौह अयस्क के ऊबड़-खाबड़ टुकड़े, जिन पर बैठकर लोग सफर करते हैं।

ट्रेन में ना छत, ना सीट, ना पानी...   

इस ट्रेन में न कोई सीट और न ही पीने का पानी, ना ही खिड़की या छत है, यानी यात्रियों को दिन में 49 डिग्री सेल्सियस की झुलसाती गर्मी और फिर रात में शून्य से नीचे गिरते तापमान को झेलते हुए यात्रा करनी होती है। फिर भी, लोग इस ट्रेन को लाइफलाइन कहते हैं, क्योंकि मॉरिटानिया जैसे रेगिस्तानी देश में यह ट्रेन हजारों लोगों को रोज काम के लिए, परिवार से मिलने के लिए और जरूरी सामान पहुंचाने के लिए एकमात्र सहारा है।

Essential Packing List For the Iron Ore Train in Mauritania
PC : adventuringwithshannon.com

704 KM बिना रुके दौड़ती है

Nouadhibou और Zouerat शहरों के बीच दौड़ने वाली यह ट्रेन कुल 704 किलोमीटर की दूरी करीब 18 से 20 घंटे में तय करती है। रास्ता बीहड़ धूल भरा है और कई बार सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है।

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PC : Trainbook

सफर बिल्कुल मुफ्त, लेकिन कीमत जान की लग सकती है

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मालगाड़ी के डिब्बों में सफर करने वालों से कोई टिकट नहीं लिया जाता। लेकिन इसके बदले लोग अपनी जान जोखिम में डालते हैं। किसी भी समय गिरने का डर, धातु की गर्म सतह और प्यास, सब कुछ इस सफर को एक जानलेवा रोमांच बना देता है। तो अगली बार जब आप ट्रेन में सीट न मिलने पर शिकायत करें, तो एक बार 'डेज़र्ट ट्रेन' की सवारी जरूर याद कीजिएगा।

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Published By:
 Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड