Women Reservation Bill: संसद में भारी हंगामा और लंबी बहस के बाद आधी रात को लागू हुआ महिला आरक्षण कानून, आज होगी वोटिंग
संसद में देर रात तक जोरदार बहस के बाद महिला आरक्षण कानून देशभर में लागू हो गया। बिल पर लोकसभा में आज वोटिंग होगी।
- भारत
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देश की संसद में देर रात तक महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर जोरदार बहस चली। लोकसभा में ‘महा-बहस’ के बाद आधी रात को महिला आरक्षण कानून 2023 देश भर में लागू हो गया। कानून मंत्रालय ने गुरुवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 को प्रभावी बनाने की घोषणा की। अधिसूचना में कहा गया है कि अधिनियम की धारा 1(2) के तहत 16 अप्रैल 2026 से इसके सभी प्रावधान लागू होंगे।
लोकतंत्र के इतिहास में 16 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक हो गया। संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के पहले दिन लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए। जिसमें सबसे ज्यादा चर्चा महिला आरक्षण बिल पर हुई। विपक्ष के भारी हंगामें के बीच नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम में बदलाव को लेकर कल यानी गुरुवार को ही लोकसभा में बिल आया और देर रात करीब 1.20 बजे तक इस पर चर्चा चली। महिला आरक्षण बिला पर आज, शुक्रवार शाम 4 बजे वोटिंग होनी है।
देश भर में आज से लागू हुआ महिला आरक्षण कानून
महिला आरक्षण बिल पर वोटिंग से पहले कानून मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी 2023 का नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम देशभर में लागू कर दिया। शुक्रवार को भी बिल पर लंबी चर्चा होनी है, जिसके बाद शाम 4 बजे इस पर वोटिंग होगी। जारी अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार 16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि घोषित करती है जिस दिन से उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे।
क्या है नारी शक्ति वंदन अधिनियम?
बता दें कि सितंबर 2023 में संसद द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण अधिनियम) लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान करता है। यह देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। हालांकि, मूल अधिनियम में आरक्षण लागू करने की अभी कोई निश्चित तारीख नहीं थी।
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कब होगा देशभर में लागू
इसे परिसीमन (delimitation) के बाद लागू करने की बात कही गई है। 2027 की जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन के पूरा होने तक लागू नहीं हो सकता था। जिसके चलते इसे 2029 के आसपास लागू किए जाने की संभावना है। संसद के विशेष सत्र में जिन तीन विधेयकों पर चर्चा हो रही है, उन्हें सरकार द्वारा इसलिए लाया गया है ताकि 2029 में महिला आरक्षण लागू किया जा सके।