सनातन धर्म की रक्षा के लिए यति नरसिंहानंद के साथ: जूना अखाड़ा

श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय धर्म संवाद रविवार को सनातन वैदिक राष्ट्र के संकल्प के साथ संपन्न हुआ, जिसमें जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक महंत हरि गिरि महाराज ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि का हर संघर्ष में साथ देने का संकल्प लिया।

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Maha Kumbh 2025: Foreign Leaders Praise Sanatan Dharma, Laud Government's Efforts
Maha Kumbh 2025: Foreign Leaders Praise Sanatan Dharma, Laud Government's Efforts | Image: ANI

 श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय धर्म संवाद रविवार को सनातन वैदिक राष्ट्र के संकल्प के साथ संपन्न हुआ, जिसमें जूना अखाड़ा के मुख्य संरक्षक महंत हरि गिरि महाराज ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि का हर संघर्ष में साथ देने का संकल्प लिया। यति नरसिंहानंद सरस्वती ट्रस्ट की महासचिव उदिता त्यागी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि धर्म संवाद में हजारों की संख्या में संतों और सनातनियों ने यति नरसिंहानंद गिरि के आह्वान पर सनातन वैदिक राष्ट्र के लिए अपने प्राणों तक का बलिदान देने का संकल्प लिया।

उन्होंने कहा, ‘‘सनातन धर्म पर लगातार हो रहे आक्रमणों और आघातों से जूना अखाड़ा आहत और विचलित है और सनातन धर्म की रक्षा के लिए संघर्ष को भी तैयार हो रहा है। अखाड़े के वरिष्ठ संत अब युवा संन्यासियों को धर्म की रक्षा के काम में लगाने की तैयारी में जुट गए हैं।’’ उन्होंने बताया कि स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती जी महाराज की अध्यक्षता में हुए धर्म संवाद में संपूर्ण विश्व में इस्लामिक जिहाद के तहत हिंदुओं के निर्मम जनसंहार पर चिंता जताई गई और स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती ने समस्त हिंदू समाज से बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए आवाज उठाने एवं संघर्ष करने का आह्वान किया।

स्वामी नरेंद्रानंद जी महाराज ने संपूर्ण संत समाज से कहा, ‘‘सनातन बोर्ड जब बने, बनता रहे, लेकिन वक्फ बोर्ड तुरंत समाप्त होना चाहिए।’’ त्यागी ने कहा कि धर्म संवाद में बांग्लादेश में हिंदुओं की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए सभी संतों ने एक स्वर में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बांग्लादेश में सेना भेजकर वहां हिंदुओं के लिए अलग राष्ट्र बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि भारत के सबसे विवादास्पद संत यति नरसिंहानंद गिरी को महामंडलेश्वर बनाए जाने के बाद सबको यह आशा थी कि यति जी के स्वभाव में कुछ परिवर्तन होगा, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ।

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यति नरसिंहानंद सरस्वती ट्रस्ट की महासचिव ने बताया कि जूना अखाड़ा के वरिष्ठ संत लगातार उनके क्रिया-कलापों को देखते रहे और उनकी निगरानी करते रहे। उन्होंने कहा कि श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के मुख्य संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरी जी महाराज, प्रधान श्रीमहंत प्रेम गिरी जी महाराज और प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरी जी महाराज के मार्गदर्शन में जूना अखाड़ा के वरिष्ठ संतों ने हर परिस्थिति में इस्लामिक जिहाद से वैचारिक लड़ाई में महामंडलेश्वर यति जी का साथ देने का संकल्प लिया। उन्होंने बताया कि धर्म संवाद में जगद्गुरु परमहंसाचार्य जी महाराज, महेंद्रानंद गिरी, महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती, महामंडलेश्वर जय अंबानंद गिरी सहित कई संतों ने अपने विचार रखे। वहीं, यति रामस्वरूपानंद, यति सत्यदेवानंद, यति यतींद्रानंद, यति अभयानंद और यति निर्भयानंद सहित अन्य यति संन्यासियों ने सहयोग किया।

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Published By:
 Ankur Shrivastava
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