मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आयी हूं सच तो ये...कौन हैं यूपी की IAS दिव्‍या मित्तल जिन्‍होंने लंबा-चौड़ा पोस्‍ट लिख दिया इस्‍तीफा, बोलीं- बहुत कुछ सीखा

IAS दिव्या मित्तल ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक लंबे पोस्ट के जरिए इस्तीफे की जानकारी को सार्वजनिक किया। आईए जानते हैं कौन हैं दिव्या मित्तल जिनके इस्तीफे की प्रशासनिक गलियारों में खूब हो रही है चर्चा...

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 IAS officer Divya Mittal
IAS officer Divya Mittal | Image: X

उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे की जानकारी दी। वर्तमान में वे राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर तैनात थीं। उनके इस्तीफे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है और इसे आधिकारिक रूप से स्वीकार भी नहीं किया गया है। आईए जानते हैं कौन हैं IAS दिव्या मित्तल जिनके इस्तीफे की  प्रशासनिक गलियारों में खूब हो रही है चर्चा...

IAS दिव्या मित्तल ने रविवार को इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक पर एक लंबे पोस्ट के जरिए इस्तीफे की जानकारी को सार्वजनिक किया। पोस्ट में उन्होंने अपनी 13 साल की यात्रा का जिक्र किया है। तो वहीं उन्होंने उन तमाम लोगों का आभार भी जताया है जिन्होंने इस यात्रा में उनका साथ दिया। बता दें कि दिव्या मित्तल की पहचान एक ऐसे सख्त IAS अधिकारी के रूप में होती है जिसे गलत बर्दाश्त नहीं है।

पोस्ट में दिव्या मित्तल ने क्या लिखा?

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा है-आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है। साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर 'सब कुछ' पा लेने पर भी कुछ अधूरा था। अपने देश में न होना खलता था। मेरी पढ़ाई, आत्मविश्वास, दुनिया में कहीं भी सिर उठाकर चलने की ताकत, सब इस मिट्टी का कर्ज़ था मुझ पर। वो कर्ज़ चुकाना था। चाहती थी जिस भारत का सपना देखा था, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। सो लौट आई, और IAS अधिकारी बनने का सौभाग्य मिला।

अपनी 13 साल की यात्रा का किया जिक्र

बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा। देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है। मीरजापुर ने सिखाया कि 'असंभव' कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। और मां विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है। सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था। इस जीवन का असली सुकून उन आँखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला। उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है।

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साथियों का यूं जताया आभार

पोस्ट के जरिए उन्होंने उन तमाम लोगों का आभार जताया है जो उनकी यात्रा में साथ रहे। उन्होंने लिखा, मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आयी हूं। सच यह है कि सबसे ज़्यादा मैंने ही पाया, और वो कर्ज और भी बढ़ता गया। लोग मेरी खुशी में मुझसे ज़्यादा खुश हुए। उन्होंने मुझे तब भी उसी विश्वास से देखा, जब मैं खुद ही थकी या टूटी थी। और इसी ने आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी। इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना अपनापन मिला, कि मेरी झोली पूरी भर गयी। और इसमें उन साथियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी बहुत बड़ा श्रेय है जिन्होंने मेरे कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और साथ डटे रहे।

आज आभार से आंखें नम हैं। बस एक दृश्य इनमें बसा है। लहुरिया दह की पहाड़ी की वो वृद्ध मां, जो अपने गांव में पहली बार पानी पहुंचता देख कुछ नहीं बोली, बस कांपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई। पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा। और वह सपना भी नहीं छूटेगा, जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया है।

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कौन है दिव्या मित्तल जिसके इस्तीफे की है चर्चा

बता दें कि दिव्या मित्तल का जन्म हरियाणा के रेवाड़ी में हुआ। उन्होंने IIT से बीटेक और IIM बेंगलुरु से एमबीए किया। गगनदीप सिंह से शादी के बाद दोनों उच्च पैकेज पर लंदन चले गए। कुछ महीनों की नौकरी के बाद दोनों ने इस्तीफा देकर भारत लौटने का फैसला किया। दिव्या यूपीएससी की तैयारी में जुट गईं। 2012 में उनका चयन आईपीएस के लिए हुआ, लेकिन आईएएस बनने का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने मेहनत जारी रखी और 2013 में IAS बन गईं।

दिव्या के पति (आईटीएस) गगनदीप ढिल्लो 2011 बैच के अधिकारी थे, उन्होंने भी 2022 में नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। 19 सितंबर 2022 को दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर की जिला मजिस्ट्रेट के रूप में पदभार संभाला और करीब एक साल तक इस पद पर रहीं। तबादले के समय स्थानीय लोगों ने उन्हें फूलों की बारिश कर भावुक विदाई दी। उस दौरान वे भावुक हो गईं और कहा था कि मिर्जापुर में जितना प्यार मिला, उतना कहीं और नहीं मिला।उनके कार्यकाल में लहुरियादह गांव में पहली बार पानी पहुंचना बड़ी उपलब्धि मानी गई। उन्होंने कजली त्योहार के लिए स्थानीय अवकाश भी घोषित किया।

चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग के दौरान मंच पर एक छोटी बच्ची के साथ उनका डांस वीडियो वायरल हो गया था। दिव्या मित्तल के इस्तीफे की चर्चा सोशल मीडिया पर जोरों पर है। उनका इस्तीफा स्वीकार होने और आगे की योजनाओं को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
 

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Published By:
 Rupam Kumari
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