पाकिस्तान सेना का कमांडो, 2022 में भारत में घुसपैठ... पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाशिम मूसा का 'आतंकी चिट्ठा', जिस पर था 20 लाख इनाम
भारतीय सेना ने कश्मीर में छिपे 3 आतंकियों को पहलगाम हमले के 96 दिन बाद ढेर कर दिया। सेना ने श्रीनगर के दाचीगाम जंगल में ऑपरेशन महादेव चलाकर पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या का बदला ले लिया।
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Hashim Musa: भारतीय सेना ने कश्मीर में छिपे 3 आतंकियों को पहलगाम हमले के 96 दिन बाद ढेर कर दिया। सेना ने श्रीनगर के दाचीगाम जंगल में ऑपरेशन महादेव चलाकर पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या का बदला ले लिया। मारे गए आतंकियों में अबू हारिस, यासिर और हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान है। हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान ही पहलगाम हमले का मास्टरमांइड था।
आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ था। इस हमले में 26 निहत्थे लोगों पर आतंकवादियों ने हमला किया था और इनकी जान ले ली थी। जानकारी आई थी इस हमले में पाकिस्तानी आतंकी शामिल हैं। तीन आतंकवादियों के स्कैच जारी किए गए थे जिनमें हाशिम मूसा भी था।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हाशिम मूसा पाकिस्तान की सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप (SSG) में पैरा कमांडो के रूप में ट्रेनिंग ले चुका था, उसके बाद उसने लश्कर ए तैयबा में शामिल होकर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना शुरू किया था। बताया जाता है कि उसने सितंबर 2023 में भारत में घुसपैठ कीऔर फिर से दक्षिण कश्मीर में अपने आतंकवादी अभियान शुरू किए।
गांदरबल में 7 नागरिकों की हत्या में शामिल था मूसा
अक्टूबर 2024 में मूसा के नेतृत्व में गांदरबल में सात नागरिकों की हत्या और बारामूला में चार सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी। एजेंसियों के मुताबिक वो कम से कम छह आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है।
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मूसा पर था 20 लाख का इनाम
पहलगाम आतंकी हमले के बाद हाशिम मूसा की तलाश के लिए दक्षिण कश्मीर के जंगलों में लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे थे। जम्मू कश्मीर पुलिस ने उसके ऊपर 20 लाख का इनाम घोषित किया हुआ था। मूसा हाईली ट्रेंड आतंकी था जिसको तैरने से लेकर जंगलों में रहने और मुश्किल हालात सर्वाइव करने में महारथ हासिल थी। उसके पास अत्याधुनिक हथियार भी मिले हैं।
अभी भी जारी ऑपरेशन महादेव
अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने एक खुफिया सूचना के आधार पर हरवान के मुलनार इलाके में आतंकवाद विरोधी अभियान शुरू किया। अधिकारियों ने बताया कि जब सुरक्षाकर्मी सर्च ऑपरेशन चला रहे थे, तब दूर से दो राउंड गोलियों की आवाज सुनाई दी। इसी के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। 6 घंटे की मुठभेड़ के बाद तीनों आतंकी मारे गए। सेना अभी भी जंगल में सर्च ऑपरेशन कर रही है।